क्या है विरोध का कारण?
एयरलाइंस कंपनियों ने नागरिक उड्डयन सचिव समीर सिन्हा को पत्र लिखकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। इस पत्र में उन्होंने इन कारणों का जिक्र किया है:- एयरलाइंस का कहना है कि सीट सिलेक्शन से होने वाली कमाई उनके रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा है। अगर इसे बंद किया गया, तो घाटे की भरपाई के लिए उन्हें बेस फेयर बढ़ाना पड़ेगा। इसका बोझ उन यात्रियों पर भी पड़ेगा जो सीट सिलेक्ट नहीं करना चाहते।
- कंपनियों ने इसे रेगुलेटरी ओवररीच (नियामकीय अतिक्रमण) करार दिया है। उनका मानना है कि सरकार को एयरलाइंस के कमर्शियल फैसलों और सीट की कीमतों में दखल नहीं देना चाहिए।
- एफआईए के मुताबिक भारत में एयरपोर्ट चार्ज और फ्यूल की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में Ancillary Revenue ही कंपनियों को टिके रहने में मदद करता है।



