नई दिल्ली: 2026 का अप्रैल अलग है। कई राज्यों में असमय बारिश और ओलावृष्टि ने गर्मी को दरवाजे पर रोक दिया है। तापमान वैसा नहीं है जैसा होता है। हालांकि, इसने सरकार की टेंशन जरूर बढ़ा दी। कृषि अर्थव्यवस्था को इससे नुकसान होने का खतरा है। यह समय गेहूं कटने का है। बेमौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने पकी हुई फसल को नुकसान पहुंचाया है। इससे दाने काले पड़ रहे हैं। फसल खेतों में गिर गई है। नमी के कारण फंगस का खतरा बढ़ गया है। इससे पैदावार और क्वालिटी दोनों के प्रभावित होने का डर है। यह सब कुछ ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में जारी घमासान के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खाने-पीने की चीजें के दाम बढ़ने का अंदेशा है। इसके कारण खाद्य महंगाई बढ़ सकती है।सरकार भी हरकत में आ गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का संज्ञान लिया है।फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने का निर्देश
उन्होंने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे खराब मौसम की वजह से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लें। प्रभावित राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ स्थिति पर चर्चा करें।चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित इलाकों के अधिकारियों से संपर्क करके और जानकारी जुटाएं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में केंद्र सरकार उनके साथ खड़ी है।मौसम विभाग ने क्या बताया है?
- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लगातार पश्चिमी विक्षोभों के कारण अगले तीन दिनों तक देश के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम बारिश का अनुमान जताया है।
- उत्तर-पश्चिमी भारत में 9 अप्रैल तक कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के चलने की संभावना है।
- भारी बारिश (70-110 मिमी तक), ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ आने वाले तूफान से देश के अलग-अलग हिस्सों में कटाई के लिए तैयार फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
- इस तरह की फसलों में गेहूं, तिलहन और बागवानी फसलें शामिल हैं।
इन राज्यों में भारी बारिश
आंकड़ों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि हुई है।इसके अलावा, छत्तीसगढ़, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गंगा-तटीय पश्चिम बंगाल, मराठवाड़ा और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 50-80 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाओं के साथ तूफान आया। इससे खड़ी फ़सलों को नुकसान पहुंचा है।अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय, मध्य महाराष्ट्र, तटीय महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा समेत कई अन्य राज्यों में 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की ख़बरें मिली हैं।यूपी सहित इन राज्यों में सामान्य से कम तापमान
आईएमडी ने यह भी पाया कि बिहार में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ज्यादा (3.1 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस तक) था। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, मिजोरम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में सामान्य से ज्यादा (1.6 डिग्री सेल्सियस से 3 डिग्री सेल्सियस तक) था।
इसके उलट, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। जबकि देश के अन्य हिस्सों की तुलना में आंतरिक कर्नाटक में तापमान सामान्य के करीब रहा।
इन सेक्टर्स की भी बढ़ी है टेंशन
कम गर्मी पड़ने से कृषि के अलावा एफएमसीजी, बेवरेज (पेय पदार्थ) और इलेक्ट्रॉनिक (एसी/फ्रिज) सेक्टर को भी डर है। ऐसा होने पर पेय, आइसक्रीम और कूलिंग उपकरणों की बिक्री में गिरावट आती है।