दिखने लगा है ट्रंप के टैरिफ का असर, जर्मनी से लेकर यूके और दक्षिण कोरिया तक मचा है हाहाकार

Updated on 24-04-2025 01:42 PM
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। हालांकि 90 दिन के लिए इस पर रोक लगाई गई है लेकिन इसका असर अभी से दिखने लगा है। दुनिया के कई देशों में उत्पादन में गिरावट आनी शुरू हो चुकी है। परचेजिंग मैनेजर्स के सर्वे में पता चला है कि यूरोप की सबसे बड़ी इकॉनमी जर्मनी और ब्रिटेन में प्राइवेट सेक्टर का उत्पादन कम हुआ है। साउथ कोरिया में अप्रैल के पहले 20 दिनों में एक्सपोर्ट 5.2% कम हुआ है। IMF ने अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत कई देशों के लिए इकनॉमिक ग्रोथ के अनुमान को कम कर दिया है।
सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक एस&पी ग्लोबल और हैम्बर्ग कमर्शियल बैंक ने जर्मनी की कंपनियों का सर्वे किया। इसके मुताबिक टैरिफ की चिंता और अनिश्चितता से कारोबारियों का भरोसा और डिमांड कम हुई है। जर्मनी का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अप्रैल में 49.7 रहा जो मार्च में यह 51.3 था। PMI मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों को ट्रैक करता है। अगर यह 50 से कम है, तो इसका मतलब है कि उत्पादन कम हो रहा है।

एक्सपोर्ट की भूमिका

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जर्मनी में उत्पादन में यह गिरावट कई वजहों से हो सकती है। टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता जैसे अंतरराष्ट्रीय कारणों के अलावा यह घरेलू आर्थिक कमजोरी को भी दिखाता है। इसका मतलब है कि सिर्फ टैक्स ही नहीं, बल्कि जर्मनी की अपनी अर्थव्यवस्था भी कमजोर है। आईएमएफ के मुताबिक इस साल जर्मनी की इकॉनमिक ग्रोथ जीरो रहने का अनुमान है। जर्मनी की इकॉनमी में एक्सपोर्ट की अहम भूमिका है।
इसी तरह ब्रिटेन में एस&पी ग्लोबल ने कहा कि सर्वे में शामिल लोगों ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ का बुरा असर पड़ा है। इससे ग्राहकों का भरोसा भी कम हुआ है। इस महीने देश का PMI 48.2 रहा, जो नवंबर 2022 के बाद सबसे कम है। रिसर्च फर्म पैंथेन मैक्रोइकॉनॉमिक्स के चीफ यूके इकोनॉमिस्ट रॉब वुड ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ ने यूके की ग्रोथ को धीमा कर दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मंदी नहीं दिख रही है।

साउथ कोरिया का हाल

ट्रंप के इंपोर्ट टैरिफ की वजह से ग्लोबल ट्रेड में गिरावट आ रही है। साउथ कोरिया की कस्टम्स सर्विस ने बताया कि अप्रैल के पहले 20 दिनों में एक्सपोर्ट 5.2% कम हुआ है। साउथ कोरिया की इकॉनमी में भी एक्सपोर्ट की अहम भूमिका है। आईएनजी के सीनियर इकोनॉमिस्ट मिन जू कांग ने कहा कि यह डेटा ट्रेड की दिशा बताने वाला एक अहम इंडिकेटर है। सर्वे के लिए डेटा 9-22 अप्रैल के बीच इकट्ठा किया गया था। इसका मतलब है कि ये आंकड़े हाल ही के हैं और मौजूदा स्थिति को दर्शाते हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 01 May 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी आई है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 125 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया था जो इसका 4…
 01 May 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत में हाल में काफी तेजी आई है। इससे एटीएफ यानी विमान ईंधन की कीमत भी बहुत बढ़ गई है। इससे एयरलाइन कंपनियों की मुश्किल बढ़…
 01 May 2026
मई का महीने अपने साथ कई बदलाव लेकर आया है। महीने के पहले दिन कई नियमों में बदलाव हो रहा है जिनका संबंध सीधे आपकी जेब से हैं। 19 किलो…
 01 May 2026
नई दिल्ली: अमेरिका ने भारत को चीन और रूस सहित छह देशों के साथ बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) संरक्षण और प्रवर्तन से जुड़े मुद्दों पर प्राथमिकता निगरानी सूची में बरकरार रखा…
 01 May 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में भारी इजाफा हुआ है। इससे भारत में आर्थिक गतिविधियों पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ा है। देश में अप्रैल में…
 29 April 2026
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। उसे न सिर्फ ऑयल एक्सपोर्ट करने में मुश्किल हो रही है, बल्कि…
 29 April 2026
नई दिल्‍ली: सोने और चांदी की कीमत में आज तेजी आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोना 1,500 रुपये महंगा हो गया जबकि चांदी की कीमत में 1,000 रुपये की…
 29 April 2026
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी ग्रुप की 3034.90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। इसके साथ…
 29 April 2026
नई दिल्ली: जोहो (Zoho) के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ( Sridhar Vembu ) की ओर से अमेरिका में बसे भारतीयों से वतन वापसी की अपील के बाद एक नई बहस छिड़ गई…
Advt.