
भाजपा का गढ़ कही जाने वाली मंदसौर लोकसभा सीट का चुनाव हिंदुत्व के साथ लोकल मुद्दों की तरफ बढ़ गया है। भाजपा उम्मीदवार सुधीर गुप्ता आठ लेन सड़क निर्माण, केंद्रीय विद्यालय, अफीम की पॉलिसी में बदलाव कर ज्यादा पट्टे देने, रेलवे स्टेशन और मेडिकल कॉलेज खोले जाने की बात लोगों तक पहुंचा रहे हैं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी दिलीप गुर्जर एंटी इंकमबेंसी के साथ क्षेत्र में काम नहीं होने का मुद्दा लेकर घर-घर जा रहे हैं। जातिगत समीकरणों पर भी गुर्जर का ध्यान है।
नीमच के मंडी व्यापारी नवीन कोठारी दोहराते हैं कि क्षेत्र में सड़कों के साथ कई काम हुए हैं। क्षेत्र में अफीम के कास्तकार भी हैं। मंदसौर संसदीय क्षेत्र में कुल आबादी का तीन चौथाई हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र का है, इसलिए भाजपा और कांग्रेस पूरी ताकत इसमें लगा रहे हैं।
खुद उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी क्षेत्र में डटे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रचार के लिए मंदसौर पहुंचे हैं। शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी पहुंचने वाले हैं। कांग्रेस की ओर से सचिन पायलट और पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिलीप के पक्ष में कैंपेन किया है।
यहां दलबदल से बची कांग्रेस... मंदसौर में कांग्रेस बड़े नेताओं के दल-बदल से बच गई है। यहां 2023 में नीमच से कांग्रेस उम्मीदवार रहे उमराव सिंह गुर्जर के अलावा कोई बड़ा नेता भाजपा में शामिल नहीं हुआ। कांग्रेस को उम्मीद है कि वह 2009 के नतीजों को दोहराएगी।
2023 में भाजपा हावी... अभी मंदसौर लोकसभा की आठ विधानसभाओं में से 7 भाजपा के पास हैं। सिर्फ एक कांग्रेस के पास है। डिप्टी सीएम देवड़ा तो 59 हजार वोटों से जीते हैं।