अमेरिका से सामान पैक करना शुरू कर दो... टेकी ने H-1B वीजा पर ऐसा क्या कहा जिससे मचा हड़कंप, भारतीयों के लिए संकट

Updated on 21-10-2025 01:41 PM
वॉशिंगटन: ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन पर सख्ती के चलते अमेरिका में रहने वाले H-1B वीजा धारकों में घबराहट बढ़ती जा रही है। इस बीच एक तकनीकी कर्मचारी की सोशल मीडिया पोस्ट ने अप्रवासी प्रोफेशनल के बीच खलबली मचा दी है। कर्मचारी का कहना है कि वर्षों से कानूनी दर्जा होने और अमेरिकी इकनॉमी में योगदान देने के बावजूद अब उन्हें खुद पर खतरा महसूस हो रहा है। इसके पीछे प्रमुख कारण बीते सितम्बर महीने में ट्रंप का वो आदेश है, जिसमें नए एच-1बी वीजा के लिए आवेदन करने वाली कंपनियों पर 100,000 डॉलर का आवेदन शुल्क लगाने का फैसला किया गया था।

अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने शुल्क बढ़ाने को सही कदम बताया था और एच-1ब4 वीजा को सबसे अधिक दुरुपयोग किया जाने वाला इमिग्रेशन कार्यक्रम बताया था। इस बीच वायरल पोस्ट अमेरिका में रहने वाले भारतीयों का डर सामने लाती है। पोस्ट की शुरुआत में कहा गया, मुझे लगता है कि इस बार सब खत्म हो गया है। इस तथ्य के बावजूद कि हमने कड़ी मेहनत की है, कभी भी उस भेदभाव का पालन नहीं किया जिसका हम पर आरोप लगाया जाता है। अच्छे और ईमानदार इंसान बनने की कोशिश की है, लेकिन हमें निशाना बनाया जा रहा है।
पोस्ट में कहा गया है कि उन्होंने हमेशा नौकरी के उम्मीदवारों का मूल्यांकन योग्यता के आधार पर किया है और हर एक रेज्यूमे को ईमानदारी से जांचा है। पोस्ट के लेखक ने उन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है जो हाल के दिनों में एच-1बी वीजा धारकों के ऊपर सार्वजनिक रूप से लगाए जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख आरोप है कि एच-1बी वीजा अमेरिकी नागरिकों के साथ भेदभाव करता है

एच-1बी वीजा धारकों के लिए खतरा

पोस्ट में कहा गया कि एच-1बी को लेकर यह पागलपन खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने आगे कहा कि 'एच-1बी का स्वर्ण युग खत्म हो चुका है। हमें अभी से सामान पैक करना और योजना बनाना शुरू कर देना चाहिए।' उनकी पोस्ट पर बड़ी संख्या में यूजर कमेंट कर रहे हैं और सहमति जता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, दुर्भाग्य से यह बात कभी खत्म नहीं होगी। धीरे-धीरे यह सवाल आम हो जाएगा कि इन ऊंचे वेतन वाली नौकरियों के लिए इतने सारे गैर-अमेरिकी नागरिकों को क्यों लिया जा रहा है

कंपनियों पर बढ़ेगा अमेरिकी लोगों का दबाव

कमेंट करने वाले यूजर ने कहा कि लोग शिकायत से आगे बढ़कर कंपनियों पर दबाव डालने लगेंगे। कंपनियां शुरुआत में हिचकिचाएंगी और बाद में या तो आउटसोर्सिंग करेंगी या मागों के आगे झुक जाएंगी। एक दूसरे यूजर ने कमेंट में लिखा, 'समस्या बहुत सारे एच-1बी की है। इस कार्यक्रम को सालाना 5000 वीजा तक सीमित किया जाना चाहिए। केवल उच्च कुशल लोगों को ही H-1B मिलना चाहिए। इस समय में अमेरिका लगभग 20 लाख H-1B/H4 EAD काम कर रहे हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 March 2026
बेलग्रेड: यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच एक ऐसी तस्वीर आई है जिससे रूस बहुत परेशान होगा। सर्बिया के लड़ाकू विमान MiG-29 में चीनी CM-400AKG मिसाइलों को इंटीग्रेट देखा गया है।…
 11 March 2026
मॉस्को: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर लगातार हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है। इसमें भी खास…
 11 March 2026
तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबर है। इजरायली मीडिया में दावा किया है कि युद्ध के दौरान मोजतब खामेनेई घायल हो गए थे। हालांकि,…
 11 March 2026
शैलेंद्र पांडेय, तेहरान/नई दिल्‍ली: इसे डॉनल्ड ट्रंप की मासूमियत कह लीजिए या फिर नादानी कि उन्हें डिप्लोमेसी की मान्य भाषा नहीं आती। वह शब्दों को मर्यादा के कपड़े नहीं पहनाते, बस…
 11 March 2026
रियाद/अबू धाबी: होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की धमकियों के बीच खाड़ी में दो ऐसे पाइपलाइन हैं जिनसे दुनिया को तेल और गैस की सप्लाई हो सकती है। एक सऊदी अरब में…
 11 March 2026
तेहरान: अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच ईरान और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बात हुई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट के जरिए इसकी…
 11 March 2026
सियोल/वॉशिंगटन: ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से THAAD एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे धीरे बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इनकी तैनाती मिडिल ईस्ट में की…
 09 March 2026
इस्लामाबाद/बीजिंग: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट से पता चला है कि पाकिस्तान अब अपने 80 फीसदी हथियार चीन से खरीदता है। SIPRI ने 2026 के लिए नई रिपोर्ट…
 09 March 2026
नेपाल में Gen-Z आंदोलन के बाद हुए संसदीय चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में क्रांतिकारी बदलाव का संकेत दिया। इससे पहले 2006 की पहली जनक्रांति के बाद हुए…
Advt.