सोलर कंपनी से कमीशनखोरी: SIT ने आईएएस अभिषेक प्रकाश को बनाया आरोपी, जल्द होगी पूछताछ
Updated on
12-01-2026 12:15 PM
लखनऊ: कमीशनखोरी मामले में सस्पेंड चल रहे आईएएस अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एसआईटी ने एसएईएल सोलर पावर कंपनी के प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए घूस मांगने के मामले में तत्कालीन इन्वेस्ट यूपी के सीईओ अभिषेक प्रकाश को आरोपी बनाया है। यह कार्रवाई जांच में मिले सबूतों और बयानों के आधार पर की गई है। एसआईटी ने उनके बयान दर्ज करने के लिए नियुक्ति विभाग से अनुमति मांगी है। कंपनी के प्रतिनिधि विश्वजीत दास ने 20 मार्च, 2025 को गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए पांच प्रतिशत रिश्वत मांगी गई थी।
एफआईआर के अनुसार, कंपनी ने यूपी में सोलर सेल और सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरणों के लिए इन्वेस्ट यूपी में आवेदन किया था। तब एक वरिष्ठ अधिकारी ने निकांत जैन नाम के व्यक्ति को संपर्क के लिए भेजा था। निकांत जैन ने प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए 5% रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत न देने पर उनकी फाइल रोक दी गई थी। इस मामले में मुख्यमंत्री ने तत्कालीन सीईओ अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया था और निकांत जैन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था, जिसमें बाराबंकी के एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी, एसीपी विभूतिखंड विनय द्विवेदी और इंस्पेक्टर आलोक राव शामिल थे।
एसआईटी ने नियुक्ति विभाग से अनुमति मांगी
जांच में वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर अभिषेक प्रकाश का नाम सामने आया। एसआईटी ने उनके बयान दर्ज करने के लिए नियुक्ति विभाग से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने पर उनके बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की पूछताछ में निकांत जैन ने एफआईआर में बताए गए वरिष्ठ अधिकारी का नाम अभिषेक प्रकाश बताया था। ऐसे कई सबूत भी मिले, जिनसे दोनों के संपर्क की पुष्टि हुई। इसी आधार पर एसआईटी ने अभिषेक प्रकाश को आरोपी बनाया है।
विजिलेंस जांच भी चल रही है
अभिषेक प्रकाश के खिलाफ विजिलेंस जांच भी चल रही है। एसआईटी आरोपी निकांत जैन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और ईडी भी उसकी जांच कर रही है। इस बीच, केस के वादी ने कोर्ट में एक शपथ पत्र दिया है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने जो आरोप लगाए थे, वे गलत थे। इससे यह सवाल उठता है कि क्या वादी पर कोई दबाव बनाया गया है। हालांकि, विवेचना काफी आगे बढ़ चुकी है।
निकांत जैन ने लिया था आईएएस का नाम
निकांत जैन ने अपने बयानों में अभिषेक प्रकाश का नाम लिया था, जो एसआईटी की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना और अभिषेक प्रकाश की संलिप्तता की ओर इशारा किया। एसआईटी ने साक्ष्यों और बयानों के आधार पर यह कार्रवाई की है और अभिषेक प्रकाश को आरोपी बनाने से पहले पर्याप्त आधार जुटाए हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि जांच निष्पक्ष हो।
पटना: बिहार में शनिवार को फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है। सीएम नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे हैं। हालांकि सीएम हाउस एक अणे मार्ग और राजभवन के…
सागर: रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में बीते दिनों मिली विकास सिंह राजपूत की लाश ने पुलिस की नींद उड़ा दी थी। शरीर पर चाकुओं के अनगिनत वार चिल्ला-चिल्ला…
कोलकाता, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी है। ममता रातभर धरना स्थल पर ही रहीं।ममता ने पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेसिव रिविजिन…
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जानलेवा हमले के एक हफ्ते बाद भी चर्चित यूट्यूबर और खुद को 'एक्स मुस्लिम' बताने वाले सलीम वास्तिक की हालत को लेकर संशय बना हुआ…
लखनऊ: चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने वाले 6 उम्मीदवारों को बैन कर दिया है। इन्होंने चुनाव के बाद खर्च का ब्योरा नहीं दिया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO)…
बेंगलुरु: बसवेश्वर नगर के एक मशहूर रेस्टोरेंट में बुधवार शाम दो-तीन लोगों ने एक लोन रिकवरी एजेंट की मामूली बात पर हत्या कर दी। एजेंट की गलती बस इतनी थी कि…
देहरादून: उत्तराखंड में शुरू होने जा रही चार धाम यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। ऑफलाइन पंजीकरण यात्रा शुरू होने से ठीक 2 दिन पहले प्रारंभ कर दिए…