
भोपाल। भोपाल के श्यामला हिल्स क्षेत्र में मुख्यमंत्री निवास के पास डॉक्टर से हुई लूट की वारदात में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि डॉक्टर अपनी ही महिला मित्र की साजिश का शिकार हुए। उसी की योजना पर उसके साथियों ने डॉक्टर को लूटा।
पुलिस ने लूट की सूत्रधार महिला और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, लूट में शामिल दो आरोपित अब भी फरार हैं। रेतघाट निवासी 27 वर्षीय आलिया खान, जो डॉ. मनोज वर्मा की परिचित थी, उनकी दिनचर्या और आदतों से भली-भांति वाकिफ थी। उसने ही अपने साथियों को जानकारी दी कि डॉक्टर रोज सुबह साइकिलिंग के लिए निकलते हैं और सोने का कड़ा पहनते हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि रेतघाट, तलैया क्षेत्र की जिस 27 वर्षीय आलिया खान की साजिश का डॉ. मनोज वर्मा शिकार हुए वो करीबी परिचित थी। वह डॉ मनोज वर्मा की दिनचर्या और आदतों से भली-भांति वाकिफ थी। उसने ही अपने साथियों को बताया कि डॉक्टर रोज सुबह साइकिलिंग के लिए निकलते हैं और हाथ में करीब 11 तोले सोने का कड़ा पहनते हैं।
यही लालच इस पूरी वारदात की वजह बना। आलिया की योजना के हिसाब से आरोपितों ने डॉक्टर की मूवमेंट की रेकी की। 10 अप्रैल को पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने पॉलिटेक्निक रोड पर डॉक्टर के पहुंचने का इंतजार किया और जैसे ही वे पहुंचे बाइक से टक्कर मारकर उन्हें गिरा दिया। उनके संभलने से पहले बदमाशों ने उनकी आंखो में मिर्च पाउडर झोंक कर गहने, नकदी लूटी और फरार हो गए।
पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की पहचान की। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई आलिया खान पर जाकर टिक गई। हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने पूरी साजिश कबूल करते हुए अपने साथी अरशान खान का नाम लिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य लूट के माल के साथ फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक आलिया खान रेतघाट, तलैया क्षेत्र की रहने वाली तलाकशुदा महिला है। वह एक एनजीओ चलाती है। सुबह की सैर के दौरान ही उसकी मुलाकात डॉ. मनोज वर्मा से हुई थी। आलिया के विरूद्ध पूर्व में चोरी का एक प्रकरण भी मिला है। आरोपित बदमाश अरशान को पहले से जानती थी, उसके साथ मिलकर आलिया ने साजिश रची।
22 वर्षीय अरशान खान पिता सुलेमान काजीकैंप, टीला जमालपुरा क्षेत्र का रहने वाला है। उसके खिलाफ भी पुलिस को आपराधिक रिकार्ड मिले हैं। वारदात से पहले अरशान खान ने ही डॉ. मनोज वर्मा का पीछा किया और योजना के मुताबिक किलोल पार्क के सामने उनकी साइकिल को टक्कर मारकर गिराया। लूट के बाद अरशान ही अपने दो साथियों को बाइक पर बिठाकर फरार होने में मदद की।