कानूनी रणनीति में चूक भी चर्चा में
ट्विशा केस में समर्थ सिंह की कानूनी रणनीतियां भी सवालों के घेरे में रही हैं। कानूनी अखाड़े का 'पहलवान', लेकिन रणनीति में कर बैठा बड़ी चूक-पत्नी ट्विशा की मौत मामले में समर्थ सिंह को कानूनी दांव-पेंच का माहिर खिलाड़ी माना जाता रहा, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में उसकी कई रणनीतिक गलतियां सामने आईं, जिन्होंने उसे साक्ष्यों को छिपाने के लिए संदिग्ध बना दिया।
घटना के तुरंत बाद पुलिस से दूरी बनाकर उसके द्वारा रसूखदारों से संपर्क साधने की कोशिश की। अग्रिम जमानत हासिल करने की कवायद शुरू की, लेकिन राहत नहीं मिलने पर फरार होना।
मामला भोपाल न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद जबलपुर कोर्ट में सरेंडर की कोशिश की। लगातार फरारी के कारण पुलिस द्वारा इनामी घोषित करना और फिर हंगामेदार गिरफ्तारी। यह सब ऐसे पहलु हैं, जो समर्थ से ट्विशा केस में जुड़े।
वकालत का लाइसेंस निलंबित होने के बाद समर्थ सिंह की पेशेवर छवि को भी बड़ा झटका लगा है। फिलहाल सीबीआई डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर मामले की गहन जांच कर रही है।