अलीगढ़ के घर-घर जाकर पहुंचाते थे सिलेंडर, बेटे को बनाया कामयाब, रिंकू सिंह के पिता ने किया बड़ा संघर्ष
Updated on
25-02-2026 12:14 PM
अलीगढ़: भारतीय क्रिकेट टीम के ताबड़तोड़ बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह की अचानक तबीयत गंभीर हो गई है। उनको लिवर का चौथे स्टेज का कैंसर है। वह ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में वेंटिलेंटर सपोर्ट पर हैं। टी 20 विश्वकप को छोड़कर रिंकू सिंह अपने पिता का हालचाल लेने अस्पताल पहुंच चुके हैं।रिंकू सिंह की कामयाबी के पीछे उनके पिता खानचंद सिंह का बड़ा योगदान है। वह लोगों के घरों में सिलेंडर बांटने का काम किया करते थे। कमरतोड़ मेहनत कर उन्होंने रिंकू सिंह के सपनों को पूरा किया। रिंकू सिंह का बचपन दो कमरों में गुजरा। आर्थिक तंगी के चलते उनको झाडू पोछा लगाने तक का काम करना पड़ा।
पहले पक्ष में नहीं थे, बाद करने लगे रिंकू सिंह का सपोर्ट
रिंकू सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि साल 2012 में उन्हें क्रिकेट खेलने पर पिता से मार खानी पड़ी। पिता शुरुआत में उनके इस फैसले के खिलाफ थे। रिंकू सिंह ने अपनी जिद नहीं छोड़ी। 2012 में ही क्रिकेट खेलते हुए बाइक इनाम में जीती। इसके बाद उनके पिता ने उनका सपोर्ट किया।
महीने में मात्र आठ हजार थी कमाई
इनाम में जीती बाइक से पिता घर-घर सिलेंडर पहुंचाने का काम करने लगे। खानचंद सिंह महीने में सिर्फ सात से आठ हजार रुपये कमाते थे। भाई भी ऑटो चलाकर बहुत ज्यादा नहीं कमाता था। एक समय ऐसा ऐसा जब भाई ने रिंकू सिंह की नौकरी ऐसी जगह लगवा दी जहां उन्हें साफ सफाई का काम करना पड़ा। वे यहां एक ही दिन रुक पाए। काम छोड़कर वापस आ गए। उन्होंने ठान लिया कि अब वह क्रिकेट में ही अपना भाग्य आजमाएंगे
एक भाई ऑटो चलाते हैं, दूसरे कोचिंग संस्थान में करते हैं काम
रिंकू सिंह के एक और भाई कोचिंग संस्थान में काम करते हैं। एक बहन है जो यूट्यूब वीडियो बनाती हैं। रिंकू सिंह की किस्मत तब खुली जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने उनको आईपीएल के दौरान 55 लाख रुपये में खरीदा। इस दौरान गुजरात टाइटंस के साथ मैच में उन्होंने पांच गेंद पर लगातार पांच छक्के लगाए। यहां से उनकी लोकप्रियता में गजब इजाफा हुआ। कोलकाता नाइट राइडर्स ने उनको 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया।
पांच लाख के कर्ज में डूब गए थे पिता
घर परिवार की जिम्मेदारियों के चलते एक समय ऐसा आया जब खानचंद सिंह पांच लाख रुपये के कर्ज में डूब गए। रिंकू सिंह का भाई ऑटो चलाता है। रिंकू सिंह को क्रिकेट खेलने के दौरान जो डेली अलाउंस मिलता था उसमें वह बचत किया करते थे।
पिता को दिया भव्य कोठी का तोहफा
इसके बाद रिंकू सिंह ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये में भव्य कोठी बनवाई और पिता खानचंद सिंह को गिफ्ट की। उन्होंने करीब साढ़े तीन की कावासाकी बाइक भी पिता को तोहफे में दिया था। खानचंद सिंह को कुछ महीने पहले ही लिवर कैंसर हुआ था। तब से उनका इलाज चल रहा था।
पटनाः बिहार में मंत्रियों और अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे। इसे लेकर राज्य सरकार जल्द ही ठोस कदम उठा सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में…
गाजियाबाद: यूपी के गाजियाबाद से बड़ी खबर आई है। कुछ महीने पहले जिस यूट्यूबर सलीम वास्तिक के दफ्तर में घुसकर दो भाइयों ने हमला किया था, उसे दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार…
हैदराबाद : भारत राष्ट्र समिति (BRS) की पूर्व नेता के. कविता ने शनिवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र सेना ( TRS ) लॉन्च की। BRS से अलग होने के…
अयोध्या: भीषण गर्मी और बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच श्री राम मंदिर अयोध्या में दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने के लिए ट्रस्ट ने नई एडवाइजरी जारी की है। ऑनलाइन दर्शन…
नई दिल्ली: राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इन सांसदों का बीजेपी में शामिल होना कोई हैरानी की बात नहीं…
नई दिल्ली: जब 2022 में आम आदमी पार्टी ने पंजाब से अपने राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा की, तो सबका ध्यान लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक अशोक मित्तल या क्रिकेटर हरभजन सिंह…
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के नेतृत्व के साथ सार्वजनिक मतभेद के कुछ दिनों बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। चड्ढा ने अपने साथी राज्यसभा सांसदों संदीप पाठक…
रायबरेली: शिक्षा को लेकर एक कहावत है कि पढ़ने-लिखने और सीखने की कोई उम्र समय सीमा नहीं होती है। कई लोगों ने उम्र के आखिरी पड़ाव में शिक्षा ग्रहण करके प्रमाणपत्र…