यूक्रेन का समर्थन करने वाले देशों को पुतिन की चेतावनी:जिस देश के हथियार से रूस पर हमला होगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे

Updated on 29-05-2024 01:11 PM

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार (28 मई) को यूक्रेन को हथियार देने वाले देशों को चेतावनी दी है। पुतिन ने कहा, "यूक्रेन जिस देश से मिले हथियारों से रूस पर हमला करेगा, उस देश को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।"

दो दिन पहले कुछ पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को रूस के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल करने को कहा था। सबसे पहले लातविया के राष्ट्रपति एडगर्स रिंकेविक्स ने इसकी इजाजत दी थी। इसके बाद ब्रिटेन और स्वीडन ने भी यही किया।

इसके अलावा कुछ दिन पहले ब्रिटेन ने यूक्रेन को लंबी दूरी की स्टॉर्म शैडो मिसाइल भेजी थी। ये मिसाइल रूस के अंदर 250 किलोमीटर तक जा सकती है। इतना ही नहीं स्वीडन ने यूक्रेन को सेल्फ एक्टिव तोपों की टेक्नोलॉजी भी भेजी है।

'यूक्रेन में पश्चिमी देशों के भाड़े के सैनिक लड़ रहे'
इससे नाराज होकर पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेताया कि उन्हें पता होना चाहिए कि वे लोग किसके साथ खेल रहे हैं। खासकर यूरोप के छोटे देशों को। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि अगर यूक्रेन ने रूस पर हमला किया तो इसके लिए सीधे पश्चिमी हथियार जिम्मेदार होंगे।

पुतिन के मुताबिक, यूक्रेन में पश्चिमी देशों के भाड़े के सैनिक लड़ रहे हैं और इन्हें सबसे ज्यादा फ्रांस भेज रहा है। इससे पहले सोमवार को यूक्रेन के सीनियर कमांडर ने कहा था कि सैनिकों को बेहतर ट्रेनिंग देने के लिए फ्रांस से बातचीत चल रही है।

इसी पर पुतिन ने कहा कि भाड़े के सैनिकों की आड़ में वहां विशेषज्ञ मौजूद हैं, लेकिन वे लोग भी रूसी सेना से हार जाएंगे। हम रूस को बचाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।

मैक्रों के बयान पर भड़के थे
इससे पहले पिछले महीने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा था कि पश्चिमी देश यूक्रेन में सेना भेज सकते हैं। रूस की तरफ से इस पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई थी। रूस की ओर से कहा गया था कि ऐसी किसी कोशिश के गंभीर परिणाम होंगे।

हालांकि, मैक्रों के बयान को जर्मनी समेत कई पश्चिमी देशों ने खारिज कर दिया था। इसके बाद पुतिन ने सीधे तौर पर न्यूक्लियर जंग के लिए तैयार रहने की धमकी दी थी।

रूस-यूक्रेन के बीच 2 साल से ज्यादा समय से जंग जारी
24 फरवरी 2022 को शुरू हुई रूस-यूक्रेन जंग को 2 साल से ज्यादा समय बीत चुका है। गए थे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ​ने यूक्रेन पर कब्जा करने के लिए उस पर हमला किया था। पुतिन ने उस समय इसे मिलिट्री ऑपरेशन बताया था।

इस हमले में अब तक 40 लाख से ज्यादा यूक्रेनी नागरिकों को देश छोड़ना पड़ा है। ये लोग अब अन्य देशों में रिफ्यूजी की तरह रह रहे हैं। 65 लाख से ज्यादा यूक्रेनी देश में ही बेघर हो गए हैं।

यूक्रेन का दावा है कि रूस 3.92 लाख सैनिक गंवा चुका है। इस बीच अमेरिका ने रूस की 500 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए थे। जवाब में रूस ने भी यूरोपियन यूनियन (EU) की कई कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए थे।



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