सीरिया के दो कट्टर दुश्मनों को साध रहे पुतिन, अल-शरा से मिले, मॉस्को में ही मौजूद हैं बशर अल असद

Updated on 29-01-2026 01:05 PM
मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को मॉस्को में सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात की है। दिसम्बर 2024 में सीरिया की सत्ता संभालने के बाद यह अल-शरा का रूस का दूसरा दौरा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब व्लादिमीर पुतिन सीरिया में रूसी मिलिट्री बेस का भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं। इसके पहले पुतिन और शरा ने पिछले साल अक्टूबर में मुलाकात की थी, जिसमें दोनों नेताओं ने सुलह का संकेत दिया था। लेकिन इस रिश्ते में पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद एक मुश्किल बने हुए हैं। खास बात है कि अहमद अल-शरा के कट्टर दुश्मन रहे असद अभी भी रूस में ही मौजूद हैं।

मॉस्को में ही मौजूद हैं बशर अल असद

दिसम्बर 2024 में दमिश्क पर कंट्रोल खोने के बाद बशर अल असद अपनी पत्नी के साथ भागकर मॉस्को पहुंचे थे। पुतिन ने अपने पुराने सीरियाई सहयोगी को शरण दी हुई है। माना जाता है कि असद अभी भी मॉस्को में मौजूद हैं। वहीं, शरा ने बार-बार रूस पर असद के प्रत्यर्पण के लिए दबाव डाला है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पुतिन असद
बुधवार को मुलाकात की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अहमद शरा से कहा, 'मैं आपको इस बात पर बधाई देना चाहता हूं कि सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता को बहाल करने की प्रक्रिया गति पकड़ रही है।' वहीं, शरा ने पुतिन से कहा कि रूस सीरिया और पूरे क्षेत्र को स्थिर करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाल के दिनों में सीरिया के सरकारी बल अमेरिका समर्थित कुर्द आबादी वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (SDF) के नियंत्रण वाले इलाके में तेजी से आगे बढ़े हैं।

शरा और पुतिन विरोधी खेमे में

सीरिया में एक दशक से ज्यादा समय तक चले गृह युद्ध में अहमद शरा और पुतिन एक-दूसरे के विरोधी खेमे में रहे थे। पुतिन ने बशर अल असद का न केवल समर्थन किया बल्कि विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य मदद भी दी। बशर अल असद के शासन में रूस ने सीरिया में महत्वपूर्ण उपस्थिति बनाई थी लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
बातचीत से पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि सीरिया में हमारे सैनिकों की मौजूदगी पर चर्चा की जाएगी। इस सप्ताह की शुरुआत में रॉयटर्स ने बताया कि रूस ने कथित तौर पर कुर्द नियंत्रित उत्तर-पूर्वी सीरिया में कामिशली हवाई अड्डे से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है। अब उसके पास भूमध्यसागरीय तट पर हेइमिम एयर बेस और टार्टस नेवल बेस बचे हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 March 2026
वॉशिंगटन/कोलंबो: ईरानी वॉरशिप पर हमले के बाद अब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने श्रीलंका पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वॉशिंगटन ने श्रीलंका की सरकार से कहा है कि वह…
 07 March 2026
मैड्रिड: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई को एक 'बहुत बड़ी गलती' कहा है। उनका यह बयान तब आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…
 07 March 2026
वॉशिंगटन: ईरान के खिलाफ जंग छेड़ना अमेरिका को भारी पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिका को ईरानी जवाबी हमलों में न सिर्फ मिलिट्री उपकरणों का नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि सैन्य…
 07 March 2026
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके X अकाउंट से पहला पोस्ट आया है। इस पोस्ट में इजरायल को धमकी दी गई है। इसके साथ…
 06 March 2026
तेहरान/बीजिंग: अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी ने बुधवार को हिंद महासागर में श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। ईरान युद्ध के बीच ये हमला बहुत बड़ा रणनीतिक महत्व रखता…
 06 March 2026
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान की नौसेना का नामोनिशान मिटा देंगे। अमेरिका लंबे समय से ईरान की नौसेना के जहाजों को एक गंभीर खतरा…
 06 March 2026
तेहरान: अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बावजूद ईरान ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश…
 06 March 2026
नई दिल्ली/बीजिंग: ताइवान पर हमला करने से पहले क्या चीन भारत को कई मोर्चों पर उलझाना चाहता है? ऐसा इसलिए क्योंकि चीन जानता है कि ताइवान पर हमले के वक्त उसके…
 05 March 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने भारत और कनाडा के बीच 2 मार्च को किए गये यूरेनियन समझौते को लेकर चिंता जताई है। भारत और कनाडा ने एक ऐतिहासिक 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम…
Advt.