धमतरी। पर्यावरण प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत जिले के गांव-गांव में स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, वहीं गावं में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, मेट, बिहान समूह की महिलाएं, ग्रीन आर्मी स्वच्छता समूह की दीदी, स्वयं सेवी संस्था प्रथम, प्रदान संस्था, एग्रीकेट सोसायटी, अजीम प्रेमजी फाउडेंशन, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों के द्वारा श्रमदान के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई, दीवार लेखन, स्वच्छता एवं पेयजल पर आधारित नारा लेखन, स्वच्छता के तहत सामुदायिक शौचालय की साफ-सफाई, सोकपिट-रिचार्ज पिट मरम्मत एवं निर्माण कराये जा रहे हैं। साथ ही पर्यावरण जागरूकता हेतु पुराने वृक्षों पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों द्वारा रक्षा सूत्र बांधकर वृक्षों की रक्षा करने लोगों को सजग किया जा रहा है। वर्षा प्रारंभ होने के पूर्व तालाब एवं सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षारोपण हेतु गढ्ढे की खुदाई किया गया, ताकि हरियाली हेतु समय पर वृक्षारोपण की जा सके। प्रधानमंत्री आवास एवं जनमन आवास हितग्राहियों के घरों के पास गढ्ढा की खुदाई वृक्षारोपण हेतु प्रेरित किया गया।
स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोमा श्रीवास्तव ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह का आयोजन जिले के सभी ग्राम पंचायत में किये जा रहे हैं। इस दौरान वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप से जैविक कचरे को पोषक तत्व के रूप में जैविक खाद बनाने के गुर भी बताये जा रहे हैं। अपशिष्ट पदार्थों के पुनःचक्रण अकार्बनिक कचरे से प्रसंस्करण और जल निकासी गढ्ढों का निर्माण पंचायतों में कराये ज रह हैं। गैर बायोडिग्रेडेबल कचरे के पुनःचक्रण जैसी ’’वेस्ट टू वेल्थ’’ पहलुओं पर लोगों का ध्यान आकर्षित किये जा रहे हैं।
आगे उन्होंने यह भी कहा कि गांव में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण वृक्षरोपण स्किल डेवलपमेंट जनरल एक्टिविटी जैविक खेती व अन्य तरह के रचनात्मक कार्यों को भी स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह में शामिल किये गये हैं। स्वच्छ भारत अभियान के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण, जल शक्ति अभियान युवाओं में नशामुक्त समाज बनाने की भी अपील की जा रही है।
ज्ञात हो कि धमतरी विकासखंड के ग्राम पंचायत पोटियाडीह, परसतराई, खरतुली, रांवा, सांकरा(स), कुरूद विकासखंड के ग्राम पंचायत कन्हारपुरी, कातलबोड़, धूमा, कचना, मड़ेली, चटौद, मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंचायत कोरगांव, राजपुर, सोनपैरी, हसदा, सिंगपुर नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत मौहाबाहरा, खम्हरिया, मुनईकेरा, सिहावा, कल्लेमेटा, गुहाननाला की महिलाओं ने पुराने पीपल, बरगद एवं विभिन्न प्रजाति के वृक्षों को ग्रामीणजनों की उपस्थिति में रक्षासूत्र बांधकर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। साथ ही प्रकृति वंदन कर समस्त मानव जाति के कल्याण की कामना की जा रही है।
दीपक ठाकुर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमतरी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह के आयोजन में ग्रामीणजन बढ़चढ़कर हिस्सा लिए हैं। चूंकि यह आयोजन स्वच्छता पर केन्द्रित एक परिवर्तनकारी चरण का प्रतिनिधित्व करते हैं।
बी.आर. वर्मा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कुरूद ने बताया कि-ग्रामीण क्षेत्रों में भू-जलस्तर में गिरावट एक प्रमुख चिंता का विषय है। क्योंकि यह पेय जल का प्राथमिक स्त्रोत है। भू-जल की कमी के कारण सिंचाई के लिए भू-जल का अत्यधिक दोहन शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन शामिल होने की जानकारी लोगों को दी।
ग्राम पंचायत पोटियाडीह के सरपंच सीताराम ध्रुव ने बताया कि-पेड़ पौधे जीवन के आधार होते हैं इसलिए हमें इनकी रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी रक्षा करने की अपील की। जनप्रतिनिधि अनिल कुमार तिवारी ने बरगद वृक्ष में रक्षासूत्र बांधकर उसकी सुरक्षा का संकल्प लिया। पर्यावरण आध्यात्मिक, व्यावयायिक, सांस्कृतिक आदि दृष्टिकोण से वृक्षों का मानव जीवन में काफी महत्व रहा है।
विकासखंड नगरी की ग्रामीण महिलाओं ने स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह कार्यक्रम में जल, जंगल व जमीन की रक्षा के लिए पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया और यह भी कहा कि पेड़ों से आक्सीजन, कृषि भूमि का नमी व जीवन के लिए पानी तभी संभव है जब पेड़ बचेंगे। इस अवसर पर ग्रीन आर्मी दीदियों का श्रीफल भेंटकर एवं गुलाल से टीका लगाकर सम्मान किया गया।