पावर, पैसा, टैरिफ... डोनाल्ड ट्रंप ने 50 दिनों में दुनिया को कैसे हिला डाला? जो 80 वर्षों में नहीं हुआ वह कर दिया
Updated on
13-03-2025 02:45 PM
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कुर्सी संभाले 50 दिन हो गए हैं। इस दौरान उनके कई ऐसे फैसले रहे जिन्होंने भारत समेत दुनिया को चौंका दिया। अपने पहले कार्यकाल के मुकाबले इस बार ट्रंप ज्यादा आक्रामक दिखाई दे रहे हैं। वहीं इन 50 दिनों में उन्होंने दुनिया को हिला कर रख दिया है। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की नींव को कमजोर कर दिया है। यह व्यवस्था अमेरिका ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद 80 सालों में बनाई थी।
ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध में अमेरिका का पक्ष बदल दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया जिसमें रूस को हमलावर बताया गया था। इस वोट में वे रूस और उत्तर कोरिया के साथ थे और अमेरिका के सभी पारंपरिक सहयोगियों के खिलाफ। उन्होंने पनामा नहर, ग्रीनलैंड, गाजा पट्टी और कनाडा पर कंट्रोल करने की धमकी दी। उन्होंने कनाडा की सीमा को 'कृत्रिम विभाजन रेखा' कहा। वहीं उन्होंने टैरिफ के जरिए ट्रेड वॉर छेड़ दिया।
यूक्रेन को बंद किए हथियार देने
ट्रंप ने यूक्रेन को हथियार और अमेरिकी सैटेलाइट तस्वीरें देने से रोक दिया। इसका एक कारण राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ ओवल ऑफिस में हुई उनकी बहस थी। लेकिन बड़ा कारण यह था कि यूक्रेन के राष्ट्रपति चाहते थे कि अगर रूस फिर से हमला करे तो पश्चिमी देश उनकी मदद करें। यूक्रेन की ओर से अस्थायी युद्धविराम योजना पर सहमत होने के बाद अमेरिका ने हथियार और खुफिया सहायता फिर से शुरू कर दी।
सहयोगियों पर लगाया टैरिफ
ट्रंप ने अपने सहयोगियों पर टैरिफ लगाए। उन्होंने उन्हें अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए खून चूसने वाले बताया। उन्होंने चीन पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया। साथ ही कनाडा और मैक्सिको पर भी टैरिफ की घोषणा की। भारत पर भी कई चीजों पर टैरिफ बढ़ाया। कई देशों ने भी अमेरिका की प्रतिक्रिया में टैरिफ बढ़ा गया। इससे दुनियाभर में ट्रेड वॉर जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
NATO सहयोगियों से दूरी!
ट्रंप ने NATO सहयोगियों के बीच विश्वास को इतना नुकसान पहुंचाया कि फ्रांस यूरोप पर अपना छोटा परमाणु सुरक्षा कवच बढ़ाने पर विचार कर रहा है। पोलैंड अपना खुद का परमाणु हथियार बनाने की सोच रहा है। दोनों को डर है कि अब अमेरिका NATO के रक्षक की भूमिका नहीं निभाएगा। यह भूमिका अमेरिका ने NATO संधि के समय खुद के लिए बनाई थी।
USAID को किया खत्म
ट्रंप ने अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) को खत्म कर दिया। यह एजेंसी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने बनाई थी। कोर्ट में मुख्य तर्क यह है कि क्या सरकार को पहले से पूरे हुए काम के लिए ठेकेदारों को 2 बिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा। ट्रंप और एलन मस्क ने माना कि MAGA (अमेरिका को फिर से महान बनाना) आंदोलन विदेशी सहायता को उदारवादी मूल्यों और भ्रष्टाचार का अड्डा मानता है। इसलिए एजेंसी को खत्म करना आसान था।
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