प्याज की कीमत में भारी उछाल, आलू भी पीछे-पीछे, जान लीजिए वजह
Updated on
11-06-2024 02:27 PM
नई दिल्ली: आम चुनाव संपन्न हो गए। भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार केंद्र में बन गई है। इसके साथ ही प्याज बेलगाम हो गया है। दिल्ली एनसीआर के बाजार में पिछले एक सप्ताह के दौरान प्याज के दाम में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। इस समय भीषण गर्मी की वजह से हरी सब्जियों के भाव वैसे ही बढ़े हुए हैं। इस बीच प्याज के साथ-साथ आलू का दाम भी बढ़ रहा है।
प्याज हुआ 50 फीसदी महंगा
दिल्ली के बाजारों में एक सप्ताह के दौरान ही प्याज 50 फीसदी महंगा हो गया है। पिछले रविवार यानी दो जून 2024 को रिटेल बाजार में प्याज की कीमत 25 से 30 रुपये किलो थी। नौ जून को इसी बाजार में प्याज की कीमत 35 से 40 रुपये किलो हो गई थी। आज यानी 11 जून को बढ़िया प्याज की कीमत 50 रुपये किलो पहुंच गई। सब्जी विक्रेता बिजय कुमार बताते हैं कि आजादपुर मंडी में ही प्याज की कीमत 40 रुपये किलो हो गई है। यह खुदरा बाजार मे तो कम से कम 50 रुपये किलो तो बिकेगा ही।
आलू भी हो गया महंगा
आज भी इस समय महंगा हो गया है। दरअसल, अभी गर्मी की वजह से हरी सब्जियों की कीमत आसमान में पहुंच गई है। इस वजह से कम आमदनी वाले लोग आलू पर शिफ्ट हो गए। तभी तो बाजार में साधारण आलू की कीमत 35 से 40 रुपये किलो तक पहुंच गई है। आप यदि चिप्सोना या पहाड़ी आलू ढूढेंगे तो वह 45 रुपये किलो मिलेगा।
क्यों बढ़ी प्याज की कीमत
अगले सोमवार को ही ईद-अल-अधा (बकरा ईद) है। इस त्योहार के दौरान देश भर में प्याज की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए व्यापारी पहले ही स्टॉक करना शुरू कर देते हैं। देश में प्याज की सबसे बड़ी मंडी, नासिक की लासलगांव मंडी में बीते सोमवार को प्याज का औसत थोक मूल्य 26 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि 25 मई को यह 17 रुपये प्रति किलोग्राम था। सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले प्याज की कीमत, जिसकी कुल कारोबार मात्रा में हिस्सेदारी छोटी है, 30 रुपये को पार कर गई है। जाहिर है कि दिल्ली आते आते इस पर प्रति किलो पांच से सात रुपये का खर्चा तो जुड़ ही जाएगा।
और चढ़ेगी कीमत
साल 2023-24 के रबी मौसम में प्याज की फसल खराब हुई है। इसी वजह से मांग और आपूर्ति के बीच का संतुलन गड़बड़ा गया है। जून से बाजारों में जो प्याज आता है, वह सीधे खेत से नहीं बल्कि किसानों और व्यापारियों द्वारा रखे गए स्टॉक से आता है। इस समय किसान अपने स्टॉक को बेचने में धीमे हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि आगे कीमतें बढ़ेंगी।
प्याज का निर्यात भी खुल गया
सरकार ने आम चुनाव के बीच ही प्याज का निर्यात खोल दिया। हालांकि, इसके निर्यात पर 40% का निर्यात शुल्क है। इस वजह से निर्यात की रफ्तार धीमी है। व्यापारियों का दावा है कि 17 जून को आगामी ईद-अल-अधा के लिए प्याज की घरेलू मांग मजबूत है। इस समय महाराष्ट्र समेत पश्चिम भारत, दक्षिण भारत और पूर्वी भारत से प्याज की भारी मांग निकल रही है। साथ ही बंगलादेश में भी प्याज का कंसाइनमेंट जा रहा है।
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