
भोपाल। राजधानी में धोखा देकर पत्नी से दुष्कर्म का एक हाईप्रोफाइल मामला सामने आया है। प्रतिष्ठित बैंक की महिला मैनेजर को उनके पति ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर गुपचुप तरीके से तलाक दिया। फिर सात साल तक उनसे शारीरिक संबंध बनाता रहा। आरोपित बीते कई वर्षों से महिला बैंक अधिकारी से मारपीट और प्रताड़ित करता था, जिससे तंग होकर महिला अधिकारी ने तलाक देने का फैसला किया।पिछले दिनों उन्होंने जब पति को तलाक का नोटिस भेजा तब खुलासा हुआ कि दोनों के बीच वर्ष 2019 में ही तलाक हो चुका था। जिसके बाद महिला बैंक मैनेजर ने महिला थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने दुष्कर्म व प्रताड़ना की धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार 38 वर्षीय पीड़िता भोपाल की रहने वाली हैं। वह एक बैंक में बतौर मैनेजर कार्यरत हैं। वर्ष 2011 में उनका विवाह उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर निवासी एक युवक से हुआ था, जो कि गुजरात की कंपनी में कार्यरत है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही उनके पति ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था।
पीड़िता ने बताया कि पति नौकरी के अलावा तंत्र-मंत्र की विद्या भी जानता था। वह संतान के रूप में बेटा चाहता था। उसके जन्म के लिए पति ने जन्मतिथि और समय भी पहले से प्लान कर रखा था। उसी निश्चित समय वह बच्चे का जन्म चाहता था। इसे लेकर महिला को प्रीमैच्योर डिलीवरी करवानी पड़ी, जिससे उसे काफी दर्द से गुजरना पड़ा। तब महिला ने बच्ची को जन्म दिया तो आरोपित पति ने इस पर भी विवाद शुरू कर दिया था। इसके बाद से भी दोनों के बीच दूरियां बढ़ गई थीं। पति जहां अकसर गुजरात में रहता था, वहीं पत्नी भोपाल में रहकर ही नौकरी करती हैं।
महिला बैंक अधिकारी का आरोप है कि उनका पति अकसर भोपाल आता-जाता था। उन्हें तलाक की कोई जानकारी नहीं थी, जिससे स्वाभाविक तौर पर उनके बीच संबंध बनते थे। लेकिन आरोपित ने बुलंदशहर कोर्ट में 2019 में ही उनसे तलाक ले लिया। आरोप है कि उसने कोर्ट में महिला का गलत पता बताया, जिससे तलाक संबंधी वारंट पीड़िता को प्राप्त ही नहीं हुए।
उनका कहना है कि इसी वर्ष में उन्होंने जब पति से तलाक लेना चाहा, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। महिला थाना प्रभारी अंजना दुबे ने बताया कि महिला अधिकारी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पूर्व में तलाक लेकर यदि पति अपनी पत्नी से संबंध बनाता है, तो दुष्कर्म के अलावा यह धोखाधड़ी का मामला भी बनता है। इसके अलावा यदि उसने पत्नी का गलत पता या झूठा एफिडेविट लगाया है तो यह कोर्ट को गुमराह करने का प्रकरण बनता है, जिसपर अलग से शिकायत की जा सकती है।- गुंजन चौकसे, अधिवक्ता