
शराब ठेका संचालक और दो साथियों को रास्ते में घेरकर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो और उसके दोस्तों ने हमला बोल दिया। इनके हाथ में तलवार और अन्य धारदार हथियार थे। तलवार से ठेका संचालक और उसके एक साथी के हाथ-पैर काट दिए। इसमें ठेका संचालक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। हमले के दौरान दूसरा साथी हाईवे से नीचे गिर गया। उसे मामूली चोटें आई हैं। मामला बाड़मेर के सदर थाना इलाके का है।
उधर, मृतक के परिजन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बाड़मेर जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा- पुलिस ने समय से घायलों को हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे।
दिल्ली में पोस्टेड है SP नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- मर्डर का मुख्य आरोपी NSG कमांडो चंपालाल है। वह दिल्ली में पोस्टेड है। उसको लेकर दिल्ली में संबंधित अधिकारियों से बात की है। उसको पकड़ने के लिए टीमें भेजी जा रही हैं।
रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार शाम को NSG कमांडो चंपालाल अपने दोस्तों के साथ बाड़मेर जिले के होडु गांव स्थित शराब ठेके पर गया था। वहां पर सेल्समैन और उनके बीच रुपए लेन-देन को लेकर कहासुनी हो गई। उस समय तो कमांडो और उसके दोस्त वहां से चले गए।
दूसरी ओर, SP नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- शराब को लेकर मामूली कहासुनी हुई। इसके बाद धारदार हथियार से हमला किया गया।
ठेके से आधा किमी आगे चलते ही घेरा घायल वीरेंद्र कुमार ने बताया- रात को शराब ठेका संचालक खेताराम (25), हरलाल और मैं ठेका बंद करके कैंपर (जीप) से घर की तरफ जा रहे थे। ठेके से करीब आधा किमी दूर बाड़मेर-जालौर स्टेट हाईवे पर आगे बढ़े थे। तभी रात करीब 10 बजे स्कॉर्पियो और बाइक पर सवार होकर आए कमांडो चंपालाल और उसके साथियों ने गाड़ी रुकवाई।
हमें इस बात का अहसास नहीं था कि ये लोग हमारे खून के प्यासे हैं। ये लोग हमें मारने आए हैं। हम कुछ समझ पाते इससे पहले ही चंपालाल और उसके साथियों ने तलवार और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला करने लगे।
लहूलुहान करके हाईवे पर छोड़ गए धक्का-मुक्की में वीरेंद्र चौधरी हाईवे किनारे खाई में गिर गया। आरोप है कि चंपालाल और उसके साथियों ने खेताराम व हरखाराम के हाथ-पैर काट दिए। खून से लथपथ हरखाराम सड़क पर गिर गया। खेताराम सीट पर ही बेहोश हो गया। दोनों को बेहोशी के हालात में छोड़कर सभी आरोपी वहां से भाग गए।
खेताराम को होश नहीं था। तड़पते हुए हरखाराम ने कहा कि कोई मुझे हॉस्पिटल ले चलो।
एक साथी जोधपुर रेफर वीरेंद्र ने बताया- किसी तरह मैंने हिम्मत जुटाई। फोन करके परिजन और ग्रामीणों को बुलाया। फिर इनको प्राइवेट गाड़ी से बाड़मेर हॉस्पिटल लेकर आए। यहां पर खेताराम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हरखाराम को जोधुपर रेफर किया गया है। हमलावारों में चंपाराम, ओमप्रकाश थे। दोनों को मैंने पहचान लिया। बाकी हमलावर पहचान में नहीं आए।
चाचा बेहोश हुए लहूलुहान भतीजे को देखकर खेताराम के चाचा आईदान राम बेहोश हो गए। वह सरपंच प्रतिनिधि हैं। इनकी पत्नी सरपंच है। डॉक्टरों ने चाचा को भी भर्ती कर लिया है। कोतवाली और सदर पुलिस हॉस्पिटल पहुंची। दूसरे घायल वीरेंद्र चौधरी के बयान दर्ज किए गए। वह मामूली रूप से घायल है।