
हर चुनाव में राजनीतिक दल वादे करते हैं। इसके लिए घोषणापत्र जारी किया जाता है जिसमें बताया जाता है कि हमारी सरकार बनेगी तो हम क्या करेंगे,कौन से वादे पूरे करेंगे।लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा,कांंग्रेस के साथ सभी राजनीतिक दलो ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. सभी को उम्मीद करते हैं कि जनता उनके घोषणापत्र में किए वादों के अनुसार उनको वोट देग।
भाजपा ने अपने घोषणापत्र में शुरू से वादा किया था कि गरीबों को जो पांच किलो चावल कोराेना के समय से मिल रहा वह भाजपा की सरकार बनने पर पांच साल और मिलेगा। मतलब भाजपा गरीबों को चावल तो कोरोना महामारी के समय से दे रही थी ताकि लोगों को भोजन की कोई समस्या न हो। यह मोदी सरकार का सबसे संवेदनशील कदम था। मोदी सरकार के इस कदम के कारण देश के लोगों को कम के कम भोजन की कोई समस्या नहीं हुई।
मोदी सरकार के पिछले पांच साल के दौरान कई राज्यों के विधानसभा चुनाव हुए। कई राज्यों में भाजपा को सफलता मिली तो माना गया कि भाजपा की चुनावी सफलता में गरीबों को पांच किलो मुफ्त राशन की भी अहम भूमिका है। इस बात समझकर भाजपा ने २४ के चुनाव में भी वादा किया कि गरीबों को पांच किलो चावल मिलता रहेगा।
मोदी सरकार की मुफ्त चालव योजना की कांग्रेस सहित ज्यादातर विपक्षी दल यह कहकर आलोचना करते थे कि भाजपा सरकार के रहते देश में गरीबी बढ़ी है, भाजपा देश के गरीबों क गरीब बनाए रखना चाहती है। हाल ही में प्रियंका गांधी ने एक सभा में भाजपा व मोद की पांच किलो मुफ्त राशन के लिए कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि क्या पांच किलो राशन से गरोबों का भविष्य बेहतर हो सकता है। मुफ्त चावल योजना को गरीबों के लिए ठीक नही माना इसीलिए तो कांग्रेस ने इस अपने घोषणापत में शामिल नहीं किया था। अब ऐसा क्या हो गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष को लखनऊ में अखिलश यादव के साथ घोषणा करनी पड़ी है कि इंडी गठबंधन की सकार अगर बनती है तो देश के गरीबों को हम दस किलो अनाज मुफ्त देंगे।
एक वजह तो यह हो सकती है कि उनके घोषणापत्र का जनता पर कोई खास असर नहीं हुआ है। कांग्रेस व गठबंधन इन वादो के आधार पर चुनाव में ज्यादा सीटें नही जीत रहा है। राहुल गांधी की खटाखट एक लाख रुपए गरीबों को देने के वादे पर जनता ने यकीन नही किया है। राहुल गांधी भले ही कहें कि व गरीब महिलाओं को हर महीन खटाखट एक लाख रूपए देकर गरीबी दूर कर देंगे लेकिन गरीबों ने राहुल गांधी के वादे पर यकीन नही किया है।कांग्रेस चुनाव हार रही है, उसे ज्यादा सीटें नहीं मिल रही है। .यही वजह है कांग्रेस अध्यक्ष एम खरगे को मतदान के चार चरण होने के बाद देश की गरीब जनता से वादा करना पड़ रहा है कि इंडी गठबधन की सरकार बनेगी तो गरीबों को दस किलो चावल दिया जाएगा।
कांग्रेस को गरीबों की चिंता होती तो वह पहले यह घोषणा करती। कांग्रेस अब यह घोषणा इसलिए कर रही है कि उसे गरीबों का वोट चाहिए। कांग्रेस को मोदी की रणनीति समझ में नहीं आती है। कुछ समझ मेें आती है कि इतनी देर से समझ में आती है कि उसका कोई मतलब नहीं रह जाता है। राहुल गांधी सहित कांग्रेस को लग रहा था एक लाख मिलने की बात सुनकर लोग खठाखट वोट दे देंगे। लगता है ऐसा नहीं हो रहा है। यही वजह है एक लाख रुपए का वादा फेल हो जाने कारण कांग्रेस को भी दस किलों चावल का वादा करना पड़ रहा है।
गरीबों को सिर्फ मुफ्त चावल नहीं घर, बिजली, पानी,गैस शोचालय,पांच लाक तक मुफ्त इलाज की सुविधा भी मोदी सरकार से मिलता है।इसलिए गरीब मोदी सरकार पर भरोसा करता है।खरगे की गलतफहमी है कि वह दस किलो चावल देने की घोषणा करेंगे और गरीब कांग्रेस को वोट देगा। चार जून को गरीब जनता कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की यह गलतफहमी दूर कर देगी।