भोपाल में बाजार में नहीं मिल रहीं NCERT की किताबें, 700 की किताबें 7000 में खरीदने को मजबूर अभिभावक

Updated on 03-04-2026 11:28 AM

भोपाल। निजी स्कूलों का सत्र शुरू हो गया है। किताब दुकानों पर अभिभावकों की भीड़ जुट रही है। इस वर्ष भी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू नहीं होने से अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदनी पड़ रही है। राजधानी के निजी स्कूलों में फीस अधिनियम का भी पालन नहीं हो पा रहा है।

इस कारण निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों के बदले निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अभिभावकों को खरीदनी पड़ रही है, जहां निजी स्कूल के सातवीं कक्षा की किताबें सात हजार में मिल रही है। वहीं एनसीईआरटी की किताबें 700 रुपये में मिल रही हैं।

साथ ही दुकान संचालक जानबूझकर कई कक्षाओं के एनसीईआरटी की किताबें नहीं उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे अभिभावक निजी प्रकाशकों की किताबें लेने के लिए मजबूर हैं। कई विषयों की किताबें बाजार में नहीं मिल रही है। ऐसे में स्कूल संचालकों को कमीशन देने के फेर में किताब दुकान निजी प्रकाशकों की किताब का मनमाना कीमत वसूल रहे हैं। कुछ स्कूल एनसीईआटी के साथ-साथ निजी प्रकाशकों की किताबें भी चला रहे हैं। उधर,अधिकारियों का कहना है किअभिभावक शिकायत करेंगे तो कार्यवाही की जाएगी।

आठ से नौ हजार में मिल रही 8वीं की किताबें

एनसीईआरटी की एक किताब 50 से 60 रुपये मिलती है तो निजी प्रकाशकों की किताबें 300 से 400 रुपये में मिल रही है। ऐसे में तीसरी कक्षा में एनसीईआरटी की पांच किताबें 300 से 400 रुपये में मिल रही है। वहीं 8वीं कक्षा के एक बच्चे की किताबों और स्टेशनरी पर आठ हजार से नौ हजार रुपये तक खर्च आ रहा है। ऐसे में अभिभावक परेशान हो रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की ही किताबें लागू होनी चाहिए, लेकिन स्कूल निजी प्रकाशकों की किताबें बेच रहे हैं।

हर साल बदल देते हैं किताबें

निजी स्कूल हर साल एक या दो किताब बदल देते हैं, जिससे पुरानी किताबों से भाई-बहन भी नहीं पढ़ पाते हैं। मजबूरन हर साल नई किताबों का बंच खरीदना पड़ता है।अभिभावकों का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबें लागू करने से आर्थिक बोझ से भी राहत मिलेगी।

निजी प्रकाशकों की किताबों से भारी बस्ते का बोझ

निजी स्कूल 10 से 12 किताबें निजी प्रकाशकों की चला रहे हैं। इस कारण बस्ते का बोझ भी बढ़ रहा है। साथ ही अभिभावकों को एक बच्चे के लिए पांच से सात हजार रुपये में मिल रहा है। निजी स्कूल एनसीईआरटी की जितनी पुस्तकें पाठ्यक्रम में शामिल करते हैं। उतनी ही एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी के नाम पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें भी शामिल करते हैं। पांचवीं कक्षा में 10 से 12 किताबें चलाई जा रही है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 July 2026
भोपाल, दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। प्रदेशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच विधानसभा में मुख्यमंत्री…
 22 July 2026
मध्यप्रदेश में बस किराया बढ़ाने की मांग अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। लगातार आश्वासनों के बावजूद किराया संशोधित नहीं होने से नाराज मध्य प्रदेश बस ओनर्स…
 22 July 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थानों की फीस निर्धारण प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप लगाए हैं।विधानसभा में सरकार के जवाब का हवाला…
 22 July 2026
भोपाल। आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज के झांसे में आकर भोपाल गए सागर जिले के एक किसान की गलत ब्लड चढ़ाने के कारण मौत हो गई।मृतक 46 वर्षीय ब्रह्मानंद सिंह…
 22 July 2026
भोपाल। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने स्पष्ट किया है कि नदियों में दूध अर्पित करना लोगों की आस्था का विषय है और इसके खिलाफ देश में कोई निषेधात्मक कानून नहीं…
 22 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर और बाहर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में…
 22 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार वर्ष 2018 के मेडिकल एजुकेशन एडमिशन रूल्स में संशोधन करके…
 22 July 2026
 भोपाल। कोलार इलाके में दानिश हिल्स व्यू कालोनी के रहवासियों द्वारा अकबरपुर की शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन, पहाड़ी और पेड़ों की कटाई के आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासन…
 22 July 2026
भोपाल । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने शाहपुरा तालाब और उसके बफर जोन का सीमांकन कर अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शाहपुरा तालाब किनारे डाला…
Advt.