शेयर बाजार में बड़ी तबाही आनी बाकी, ब्रोकरेज फर्म ने दी चेतावनी, कच्चे तेल की कीमत से सीधा कनेक्शन

Updated on 17-03-2026 01:09 PM
नई दिल्ली: ईरान-इजरायल/अमेरिका युद्ध के कारण पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तनाव पैदा हो गया है। इसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के जहाजों का आना काफी मुश्किल हो रहा है। इस युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 100 डॉलर पार हो गई है। ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल (Emkay Global) के मुताबिक अगर तेल की कीमतों में सुधार नहीं हुआ तो भारतीय शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट आ सकती है।

मंगलवार को कच्चे तेल की कीमत में फिर से तेजी आई। भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे ब्रेंट क्रूड 3.50% की तेजी के साथ 103.80 डॉलर प्रति बैरल पर था। वहीं अमेरिकी क्रूड (WTI) में भी 4% की तेजी थी। इस तेजी के साथ यह प्रति बैरल 97.22 डॉलर पर था। ईरान युद्ध को आज 18वां दिन है। इस युद्ध से पहले ब्रेंट क्रूड करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर था। इन 18 दिनों में इसमें 44% की वृद्धि हुई है

...तो निफ्टी में आएगी बड़ी गिरावट

ईरान युद्ध के कारण बढ़ती तेल की कीमत का असर शेयर मार्केट पर भी दिखाई दे रहा है। जब से यह युद्ध शुरू हुआ है, तब से सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में करीब-करीब 7 फीसदी की गिरावट आई है। एमके ग्लोबल ने चेतावनी दी है कि अगर कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर 3 से 4 महीने तक बनी रहती है तो निफ्टी 10 फीसदी गिरकर 21000 अंक पर आ सकता है। अभी यह करीब 23,430 अंक पर है।

ट्रंप दे चुके हैं लंबे युद्ध के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिनों पहले कहा था कि यह युद्ध कुछ महीनों तक लगातार चल सकता है। हालांकि वह इसे लेकर अपने बयान बार-बार बदलते रहे हैं। वहीं कई एक्सपर्ट का अनुमान है कि ट्रंप कुछ भी कहें, लेकिन ईरान लंबे समय तक के लिए युद्ध कर सकता है। इस कारण कई ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी 50 के अनुमानित लक्ष्यों में कटौती की है।

क्या देश में मंदी की आहट?

ब्रोकरेज फर्म ने मार्केट में गिरावट के कारण देश में मंदी के संकेत दिए हैं। एमके ग्लोबल के मुताबिक मार्केट में गिरावट के चलते भारत की विकास दर प्रभावित हो सकती है। मैक्रो स्थिरता और कॉर्पोरेट आय और उपभोक्ता मांग पर भी दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा देश में एलपीजी की दिक्कत और बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है तो देश में बेराजगारी बढ़ सकती है और खाने-पीने की चीजों के दाम बेहताशा बढ़ सकते हैं।
ब्रोकरेज फर्म के आकलन से पता चलता है कि कच्चे तेल की कीमत हर महीने करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहने से चालू खाता घाटा (CAD) जीडीपी के 9 से 10 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ सकता है। इससे मुद्रास्फीति करीब 50 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ सकती है। ओएमसी के पीएटी में 9 फीसदी की गिरावट आ सकती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 April 2026
नई दिल्ली: आईफोन बनाने वाली अमेरिका की कंपनी ऐपल के सीईओ टिम कुक 15 साल की सर्विस के बाद पद छोड़ने जा रहे हैं। वह अगस्त 2011 में ऐपल के सीईओ…
 22 April 2026
नई दिल्ली: भारत में ग्लोबल कंपनियों के ऑफिसों (GCC-ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) में एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। TOI के मुताबिक, एक तरफ जहां नई भर्तियों में तेजी आई…
 22 April 2026
नई दिल्ली: देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी एचसीएल टेक के शेयरों में आज भारी गिरावट आई है। कंपनी के शेयरों में 11 फीसदी से अधिक गिरावट आई और यह 52…
 22 April 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में आज गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 800 अंक से ज्यादा लुढ़क गया था जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का…
 22 April 2026
नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड में गिरावट का दौर थमता दिखाई दे रहा है। पिछले एक महीने में स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेगमेंट के रूप में उभरे हैं।…
 21 April 2026
नई दिल्‍ली: सोने और चांदी की कीमत में आज मामूली गिरावट आई है। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में 2300 रुपये से ज्यादा गिरावट आई है जबकि सोना 200 रुपये से…
 21 April 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद में आज शेयर बाजार में तेजी दिख रही है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में 700 अंक से ज्यादा तेजी आई है जबकि…
 21 April 2026
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे बड़े रईस एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स बड़ा धमाका करने जा रही है। कंपनी दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी में है जिसके लिए…
 21 April 2026
नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( EPFO ) ने सहारा इंडिया की विभिन्न इकाइयों के खिलाफ भविष्य निधि (PF) के बकाया भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ईपीएफओ ने…
Advt.