Madhya Pradesh में अगले 10 अप्रैल तक आंधी, वर्षा और ओलावृष्टि के आसार, किसानों की चिंता बढ़ी

Updated on 06-04-2026 11:45 AM

भोपाल। प्रदेश के विभिन्न जिलों में रविवार रात गरज-चमक के साथ हुई वर्षा ने आम आदमी को जहां तेज गर्मी से राहत दी, लेकिन किसानों को चिंता में डाल दिया है। ग्वालियर-चंबल अंचल सहित प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी, वर्षा के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिसने गेहूं की फसल पर बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी चार दिनों (आठ अप्रैल) तक ओलावृष्टि, तेज आंधी और बारिश की आशंका जताई है, ऐसे में अन्नदाता की नींद उड़ी हुई है।

जानकारों का कहना है कि ओले न भी गिरे तो भी तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने संबंधित जिला के कलेक्टरों को फसल नुकसान का आंकलन कराने के निर्देश दिए हैं।

इन शहरों में गिरी बारिश

  • मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मंदसौर, श्योपुरकलां, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, छतरपुर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, बैतूल, नरसिंहपुर और सागर जिलों में ओले गिरे। शिवपुरी, मुरैना, अशोकनगर, गुना, ग्वालियर, इंदौर, मंदसौर, धार, बैतूल, जबलपुर, सागर, बड़वानी, कटनी, सीधी, रीवा, चित्रकूट और सतना में 30 से 54 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
  • ग्वालियर में सबसे अधिक 31.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नौगांव में 28.6 मिमी, खजुराहो में 12.2 मिमी, सागर में 8.4 मिमी, सतना में 8.3 मिमी, छिंदवाड़ा में 3.6 मिमी और बैतूल में 2.4 मिमी बारिश हुई है।

बारिश और ओले गिरने की संभावना

सात अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है।

ग्वालियर-चंबल अंचल में ओलावृष्टि से नुकसान

  • ग्वालियर जिले घाटीगांव, चीनौर और भितरवार क्षेत्र में वर्षा से गेहूं की फसल भीग गई, जिससे दाने काले पड़ने की आशंका है। यहां 1.5 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई थी, करीब 45 हजार हेक्टेयर में कटाई हो चुकी है।

  • दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र, शिवपुरी के पिछोर और बदरवास क्षेत्र, मुरैना के सबलगढ़ और जौरा, भिंड में लहार क्षेत्र और छतरपुर में नौगांव, राजनगर क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई है। जिससे गेहूं की फसल खेतों पर बिछ गई है। शिवुपरी कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने पांच प्रतिशत तक नुकसान की आशंका जताई है। वहीं कृषि कल्याण विभाग के उप संचालक रनवीर जाटव ने किसानों को जल्द से जल्द गेहूं के फसल कटाई की सलाह दी है।
  • मुख्यमंत्री ने दिए सर्वे के निर्देश

    मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि फसलों के साथ आमजन को हुई क्षति का आकलन करवाएं ताकि प्रभावित क्षेत्रों में सहायता और राहत उपलब्ध कराई जा सके। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ राजगढ़, रायसेन, बैतूल जिलों में भी आंधी, वर्षा और ओलावृष्टि से प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है



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