नेपाल से आई टॉप 5 देशों की लिस्ट, चीन पर भारत पड़ा भारी, अमेरिका भी रहा पीछे
Updated on
04-07-2026 03:24 PM
काठमांडू: भारत का पड़ोसी देश नेपाल के साथ सदियों से रोटी और बेटी का साथ रहा है। पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तराखंड तक नेपाल और भारत के बीच सीमा खुली हुई है। यह दोनों देशों के बीच आपसी भरोसे को दर्शाता है। नेपाल के हजारों लोग भारत में काम करते हैं, वहीं भारत के भी बड़ी संख्या में लोग नेपाल में काम करने जाते हैं। दोनों देशों के बीच दोस्ती में अब पर्यटन भी बहुत महत्वपूर्ण पहलू जुड़ गया है। भारत से भर-भरकर पर्यटक नेपाल पहुंच रहे हैं। बालेन सरकार के गाड़ियों के परमिट और पासपोर्ट को लेकर सख्ती के बाद भी नेपाल में इस महीने सबसे ज्यादा भारतीय पर्यटक पहुंचे हैं। भारत के बाद अमेरिका और फिर चीन का नंबर है।नेपाल के टूरिज्म बोर्ड ने ताजा आंकड़े जारी करते हुए बताया कि देश में जमकर विदेशी पर्यटक आ रहे हैं। जून महीने में ही रेकॉर्ड 91,363 विदेशी पर्यटक नेपाल आए हैं। यह पिछले साल जून महीने के 76,425 की तुलना में 19.5 फीसदी ज्यादा है। नेपाल में विदेशी पर्यटकों के आने का आलम यह है कि यह कोरोना के पहले के आंकड़े को पार कर गया है। इससे पहले जून 2019 में नेपाल में 74,883 विदेशी टूरिस्ट आए थे। उससे तुलना करें तो इस साल जून महीने में 22 फीसद की ग्रोथ हुई है।नेपाल नहीं आ रहे पड़ोसी चीन के पर्यटक
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने बताया कि भारत नेपाल के लिए विदेशी टूरिस्ट का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। भारत से इस साल जून महीने में 41,809 टूरिस्ट नेपाल पहुंचे। यह नेपाल के कुल विदेशी टूरिस्ट का 45.76 फीसदी है। इसके बाद अमेरिका का नंबर है जिसके 11,836 टूरिस्ट नेपाल पहुंचे। वहीं तीसरे नंबर पर पड़ोसी चीन है जो दावा करता है कि वह नेपाल के साथ हमेशा खड़ा है। चीन के मात्र 9,995 टूरिस्ट ही नेपाल आए। चीन टूरिस्ट को एक हथियार की तरह से इस्तेमाल करता है। चीन जिन देशों को दंडित करना चाहता है, वहां चीनी पर्यटकों के जाने रोक देता है या संख्या कम कर देता है।नेपाल में भारतीय पर्यटकों के खराब अनुभव
अगर दुनियाभर से आने वाले पर्यटकों की बात करें तो दक्षिण एशियाई देशों से सबसे ज्यादा पर्यटक नेपाल पहुंचते हैं। यह करीब 52.82 फीसदी है। इसके बाद बाकी के एशियाई देश 17.68 प्रतिशत आते हैं। वहीं अमेरिका महाद्वीप का हिस्सा 14.36 फीसदी है। बोर्ड ने कहा कि इन ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि नेपाल को लेकर विदेशी पर्यटकों का भरोसा बढ़ रहा है। नेपाल खुद को एक ऐसे देश के रूप में स्थापित कर रहा है जहां जीवन में एक बार जरूर जाना चाहिए। नेपाल चाहे जो भी दावा कर रहा हो लेकिन भारतीय यात्रियों का अनुभव बहुत खराब रहा है। भारत के कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें गाड़ी ले जाने के नाम पर अवैध वसूली का सामना करना पड़ा।