प्राइवेट कंपनी खरीदने की तैयारी में LIC! जानिए कौन-कौन हैं रेस में और क्या है प्लान
Updated on
14-06-2024 01:48 PM
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी (LIC) अब हेल्थ इंश्योरेंस में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। इसके लिए एलआईसी हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में पहले से काम कर रही किसी बड़ी कंपनी को खरीद सकती है। मिंट की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। देश में हेल्थ इंश्योरेंस का बिजनस तेजी से बढ़ रहा है और एलआईसी इस मौके का फायदा उठाना चाहती है। इसके लिए वह देश की पांच टॉप हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों में से किसी एक का अधिग्रहण कर सकती है। एलआईसी का एसेट 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक है और देश के जीवन बीमा मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 61.5 फीसदी है। कंपनी को कंपोजिट लाइसेंस का इंतजार है।
अभी लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां केवल हेल्थ इंश्योरेंस के तहत लॉन्ग टर्म बेनिफिट दे सकती हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के बाद या फिर किसी अन्य तरह की क्षतिपूर्ति कवर देने के लिए बीमा एक्ट में संशोधन की जरूरत होगी। संसद की एक समिति ने बीमा कंपनियों के खर्च और अनुपालन के बोझ को कम करने के लिए कंपोजिट इंश्योरेंस लाइसेंस शुरू करने का सुझाव दिया था। इंश्योरेंस रेगुलेटर आईआरडीएआई (IRDAI) ने कंपोजिट लाइसेंस की योजना बनाई है। इससे बीमा कंपनियां लाइफ और नॉन-लाइफ दोनों तरह की पॉलिसियां बेच सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक एलआईसी ने हेल्थ इंश्योरेंस बिजनस में उतरने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
क्या है प्लान
सूत्रों की मानें तो कंपोजिट लाइसेंस पाने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। उसके बाद एलआईसी किसी स्थापित हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को खरीदकर अपना बिजनस आगे बढ़ा सकती है। कंपनी ने हाल ही में अपना हेल्थ इंश्योरेंस प्लान आईआरडीएआई को सौंपा है। लेकिन इसमें किसी भी सरकारी जनरल बीमा कंपनी के साथ मर्जर का प्रस्ताव नहीं है। एक सूत्र ने कहा कि एलआईसी किसी स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को खरीद सकती है। इसके लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इसमें एक विकल्प टॉप पांच स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों में से कोई एक कंपनी खरीदने का भी है। ऐसी कंपनी को वरीयता दी जाएगी जो डिजिटली मजबूत होगी। देश की टॉप पांच हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों में नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस, आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस, केयर हेल्थ इंश्योरेंस, मनिपाल-सिग्ना हेल्थ इंश्योरेंस और स्टार हेल्थ एंड अलाइड इंश्योरेंस कंपनी शामिल है। एलआईसी जिस भी कंपनी को खरीदेगी, वह देश की पहली सरकारी स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी होगी। इस खरीद के लिए एलआईसी को आईआरडीएआई और वित्त मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी क्योंकि एलआईसी सरकारी कंपनी है। देश की प्राइवेट स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों का फाइनेंशियल ईयर 2024 में प्रीमियम 32,351 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल से मुकाबले 14 फीसदी अधिक है।
किसका है दबदबा
देश की हेल्थ इंश्योरेंस इंडस्ट्री में स्टैंडअलोन हेल्थ कंपनियों की हिस्सेदारी 29.7 फीसदी है। स्टार हेल्थ 14 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी है। इसके बाद केयर हेल्थ की 6.11 फीसदी और नीवा बूपा की 5.06 फीसदी हिस्सेदारी है। लेकिन देश की ओवरऑल हेल्थ इंश्योरेंस इंडस्ट्री में सरकारी कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी की सबसे ज्यादा 16.81 फीसदी हिस्सेदारी है।
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