मजदूर पिता की बेटी चांदनी बनीं एमपी टॉपर:500 में से 494 अंक हासिल किया, इंटरव्यू में बताई सफलता की कहानी

Updated on 17-04-2026 11:43 AM
 भोपाल, संघर्ष और जुनून जब साथ मिल जाएं, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक पाते। भोपाल की चांदनी विश्वकर्मा ने इस बात को सच कर दिखाया है। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद चांदनी ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में वाणिज्य संकाय में प्रदेश में टॉप कर इतिहास रच दिया। उन्होंने 500 में से 494 अंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे भोपाल का नाम रोशन किया है।

मंत्रालय के सामने भीमनगर की रहने वाली चांदनी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। दो कमरों के छोटे से घर में रहने वाली चांदनी के पिता रामभुवन विश्वकर्मा मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी मां बिमला स्कूल में मध्यान्ह भोजन का काम करने के साथ घरों में खाना बनाकर परिवार चलाती हैं। घर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं, न स्टडी टेबल था, न ही नेटवर्क की नियमित उपलब्धता।

चांदनी: स्टार्टिंग से ही मैंने तय कर लिया था कि करना है। पहले दिन से ही मेहनत शुरू कर दी थी। एग्जाम के समय कुछ सवालों को लेकर थोड़ा डाउट था, लेकिन जब पूरा कैलकुलेशन किया तो भरोसा हो गया कि सब सही होगा।

सवाल- तैयारी के दौरान आपको किसका सबसे ज्यादा सहयोग मिला?

चांदनी: मुझे मेरे पेरेंट्स और टीचर्स का बहुत सपोर्ट मिला। जब मैं डिमोटिवेट होती थी, तो मम्मी मुझे पॉजिटिव रखती थीं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती थीं।

सवाल- आपकी दिनचर्या कैसी थी, खासकर जब स्कूल दूर था?

चांदनी: मैं रोज ऑटो और बस से करीब 45 मिनट का सफर करके स्कूल जाती थी। फिर कोचिंग जाती थी और घर आकर पढ़ाई करती थी। जब घर पर कोई नहीं होता था, तब मैं ज्यादा फोकस के साथ पढ़ाई करती थी।

सवाल- किताबों के लिए भी करना पड़ा संघर्ष?

चांदनी: कई बार पैसों की कमी के कारण उन्हें किताबें खरीदने से पहले कई बार सोचना पड़ता था। ऐसे में वह दूसरों से किताबें लेकर पढ़ाई करती थीं, ताकि घर पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। “कई बार मन में आया कि पढ़ाई छोड़कर काम करने लगूं, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और पढ़ाई जारी रखी।”

सवाल- घर की परिस्थितियों ने पढ़ाई को कैसे प्रभावित किया?

चांदनी: घर छोटा है, लेकिन मैंने उसी में रहकर सब मैनेज करना सीखा। मम्मी-पापा काम पर चले जाते थे, तो उस समय मैं अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देती थी। पढ़ाई के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब उनके पिता के हाथ में चोट लग गई और घर की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई।

उस समय पढ़ाई छोड़ने का विचार आया, लेकिन परिवार और शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने हार नहीं मानी। कोचिंग संचालकों ने भी फीस को लेकर सहयोग किया, जिससे उनकी पढ़ाई जारी रह सकी।

सवाल- आगे का आपका लक्ष्य क्या है?

चांदनी: मैं आगे चलकर लेफ्टिनेंट बनना चाहती हूं और देश की सेवा करना चाहती हूं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 July 2026
भोपाल, दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। प्रदेशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच विधानसभा में मुख्यमंत्री…
 22 July 2026
मध्यप्रदेश में बस किराया बढ़ाने की मांग अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। लगातार आश्वासनों के बावजूद किराया संशोधित नहीं होने से नाराज मध्य प्रदेश बस ओनर्स…
 22 July 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थानों की फीस निर्धारण प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप लगाए हैं।विधानसभा में सरकार के जवाब का हवाला…
 22 July 2026
भोपाल। आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज के झांसे में आकर भोपाल गए सागर जिले के एक किसान की गलत ब्लड चढ़ाने के कारण मौत हो गई।मृतक 46 वर्षीय ब्रह्मानंद सिंह…
 22 July 2026
भोपाल। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने स्पष्ट किया है कि नदियों में दूध अर्पित करना लोगों की आस्था का विषय है और इसके खिलाफ देश में कोई निषेधात्मक कानून नहीं…
 22 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर और बाहर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में…
 22 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार वर्ष 2018 के मेडिकल एजुकेशन एडमिशन रूल्स में संशोधन करके…
 22 July 2026
 भोपाल। कोलार इलाके में दानिश हिल्स व्यू कालोनी के रहवासियों द्वारा अकबरपुर की शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन, पहाड़ी और पेड़ों की कटाई के आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासन…
 22 July 2026
भोपाल । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने शाहपुरा तालाब और उसके बफर जोन का सीमांकन कर अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शाहपुरा तालाब किनारे डाला…
Advt.