मनेन्द्रगढ़ । मनेन्द्रगढ़ में पत्रकार रईस अहमद हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। मृतक की पत्नी शफीना, उसके प्रेमी और उसके साथी ने मिलकर रईस की हत्या की थी। धारदार हथियार से हमला करने के बाद गलाघोंट कर हत्या की गई थी। पुलिस ने मृतक की पत्नी शफीना को किया गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले में शामिल दो आरोपियों की तलाश में मनेन्द्रगढ़ पुलिस झारखंड हुई रवाना। एएसपी अशोक वाडेगांवकर ने प्रेसवार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया है।
दरअसल, मनेन्द्रगढ़ के ग्राम चनवारीडांड ग्राउण्ड फॉरेस्ट डिपो के पीछे गुरुवार सुबह पत्रकार रईस अहमद का शव मिला था। इससे इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे मृतक के भाई नसीर अहमद ने रिपोर्ट दर्ज कराई। बॉडी पर चोट के निशान मिले थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
मृतक के भाई ने बताया कि, करीब 4-5 साल पहले रईस अहमद की शादी पूर्व मौहारपारा के मो. याकूब की बेटी सफीना के साथ हुई थी। उनकी तीन साल की बेटी भी है। 5 महीने पहले सफीना गढ़वा झारखण्ड के रहने वाले अलम के बेटे अरजू खान के साथ भाग गई थी। इसके बाद रईस सफीना को अपने साथ लेकर मनेन्द्रगढ़ आ गया। वह पिछले देढ़ माह से चनवारीडांड में किराए के मकान में अपनी पत्नी और बच्ची के साथ में रह रहा था। बुधवार देर रात अज्ञात आरोपियों ने रईस अहमद के साथ मारपीट की और उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उसके शव को फॉरेस्ट डिपो के पीछे ले जाकर फेंक दिया।
संदेह के आधार पर पत्नी सफीना से पूछताछ शुरू की गई। कड़ाई से पूछने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि, उसने अपने प्रेमी अरजू को फोन कर पति के हत्या की साजिश रची। रात के करीब दो बजे अरजू अपने बुआ के बेटे के साथ आया। सफीना के दरवाजा खोलते ही दोनों रईस अहमद के कमरे में गए जहां वह सो रहा था। उन्होंने पहले तो लात-घूसा मारा, फिर धारदार हथियार से मारपीट कर गले में गमछा बांधकर गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए उन्होंने शव को फॉरेस्ट डिपो के पीछे फेंक दिया। मामले के खुलासे के बाद मनेन्द्रगढ़ पुलिस दो आरोपियों की तलाश में झारखंड रवाना हुई ।