इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व डिप्लोमेट अब्दुल बासित ने कश्मीर और सिंधु जल संधि को लेकर शहबाज सरकार से अपना रवैया बदलने को कहा है। उन्होंने कहा है कि सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान धमकी देता है लेकिन उन धमकियों का भारत पर कोई असर नहीं होने वाला है। आम बहस को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने यूएन में कहा था कि सिंधु नदी प्रणाली का साझा पानी 'न सिर्फ पाकिस्तान के लोगों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए जीवन-रेखा' है और मौजूदा संधि को स्थगित करने के भारत के एकतरफा फैसले का 'कोई कानूनी आधार नहीं' है।पाकिस्तान ने इसके अलावा बार बार सिंधु जल संधि को रोकने के भारत के फैसले को 'एक्ट ऑफ वॉर' कहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल बासित ने कहा 'सिंधु जल संधि पर शहबाज शरीफ बोल जरूर रहे हैं लेकिन भारत वही करेगा जो उसे करना है।' अब्दुल बासित नई दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके हैं।सिंधु जल पर पाकिस्तान की धमकी से नहीं डरेगा भारत- अब्दुल बासित
अब्दुल बासित ने कहा कि पिछली बार यूएन स्पीच में शहबाज शरीफ ने कहा था कि 'पानी रोकने का कोई भी कदम एक्ट ऑफ वॉर होगा लेकिन इस बार उन्होंने और ज्यादा फोकस इसपर दिया है। शहबाज शरीफ ने पिछले साल कहा था कि इस बार संधि का किसी भी तरह से उल्लंघन एक्ट ऑफ वॉर होगा लेकिन इस बार उन्होंने कहा कि अगर पानी को रोका या डायवर्ट किया तो वो एक्ट ऑफ वॉर होगा।'
अब्दुल बासित ने कहा 'पानी को डायवर्ट करने की जहां तक बात है तो हाल ही में पता चला है कि एक लिंक बनाई जा रही है करीब 11-12 किलोमीटर का जिसके तहत चिनाब को व्यास नदी से जोड़ा जा रहा है। तो मेरा अभी भी यही मानना है कि सिंधु जल संधि को लेकर भारत का एक लंबे समय के लिए प्लान है। तो आपने भले ही सिंधु जल संधि पर अपना पोजिशन क्लियर किया लेकिन उसपर आपकी अलग से रणनीति होनी चाहिए क्योंकि मुझे नहीं लगता है कि भारत पर इन धमकियों का कोई भी असर होगा। भारत ने जो प्रोजेक्ट्स शुरू कर रखे हैं उनपर वो तेजी से काम कर रहा है।'कश्मीर के मुद्दे पर अब्दुल बासित ने शहबाज को क्या सलाह दी?
शहबाज शरीफ ने इस बार भी यूएन में कश्मीर के मुद्दे को उठाया था। इसपर बोलते हुए अब्दुल बासित ने कहा कि शहबाज ने जो कहा है कि कश्मीरियों के साथ हमारा राजनीतिक और नैतिक समर्थन है तो ये स्टैंड दशकों से चला आ रहा है। इसमें पाकिस्तान ने कोई बदलाव नहीं किए हैं, कोई नया नैरेटिव शुरू नहीं किया है। जबकि भारत ने नया नैरेटिव बनाकर कश्मीर से अनुच्छेद 370 भी खत्म कर दिए। इसीलिए पाकिस्तान को भी कश्मीर को लेकर नये नैरेटिव बनाने की जरूरत है। इसका पूरी दुनिया में कोई असर नहीं हो रहा है।