म्यूचुअल फंड में जीएसटी, सेबी फीस जैसे खर्चे अलग से वसूले जाएंगे, कितना होगा फायदा?
Updated on
23-12-2025 01:12 PM
नई दिल्ली: शेयर बाजार रेगुलेटर SEBI ( सेबी ) ने 17 दिसंबर को म्यूचुअल फंड के खर्चों यानी एक्सपेंस रेशियो से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत पूरे फ्रेमवर्क को नया रूप दिया गया है ताकि निवेशकों को यह साफ-साफ पता चल सके कि उन पर असल में कितना खर्च आ रहा है।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य बदलाव एक्सपेंस रेशियो फ्रेमवर्क में किया गया है। अब इसे नया नाम बेस एक्सपेंस रेशियो (BER) दिया गया है। सेबी ने साफ किया है कि अब कुछ टैक्स और चार्जेज इन लिमिट्स में शामिल नहीं होंगे। इनमें STT, कॉमोडिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (CTT), GST, स्टैंप ड्यूटी, सेबी फीस और एक्सचेंज चार्जेज हैं। ये सभी चार्ज अब असल खर्च के हिसाब से अलग से वसूले जाएंगे। अब से आपका टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) इन चीजों को जोड़कर बनेगाः BER + ब्रोकरेज सरकारी टैक्स और फीस।
कितना असर पड़ेगा?
भले ही खर्चे दिखाने का तरीका बदल गया हो, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे निवेशकों के फैसलों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि लंबे समय के लिए निवेश करने वाले लोग छोटे-मोटे खर्चों के बजाय इस बात पर ध्यान देते हैं कि फंड कैसा प्रदर्शन कर रहा है और रिस्क कितना कम है। अगर कोई फंड अच्छा रिटर्न दे रहा है, तो 0.05% या 0.10% की कटौती से निवेश का फैसला नहीं बदलता।
कितनी होगी बचत?
वैल्यू रिसर्च के सीईओ धीरेंद्र कुमार का कहना है कि इन बदलावों से चीजें साफ हुई हैं, लेकिन निवेशकों का कुल खर्च बहुत ज्यादा कम नहीं होगा। सरकारी टैक्स को अलग दिखाने से ऊपरी तौर पर खर्चा कम दिखता है, लेकिन असल में निवेशकों की कुल बचत मामूली होगी। असली राहत दो चीजों से मिलेगी। पहला, एग्जिट लोड से जुड़े एक्स्ट्रा 0.05% खर्च को हटाना और दूसरा ब्रोकरेज की लिमिट कम करना। इन सबको मिलाकर निवेशक को करीब 0.06% से 0.08% तक की असली बचत हो सकती है।
कैसे ट्रैक करें खर्चे?
निवेशकों के मन में सवाल है कि अब वे खर्चे कैसे ट्रैक करें? एक्सपर्ट्स की सलाह है कि BER और TER दोनों साथ देखना होगा क्योंकि ये एक-दूसरे से जुड़े हैं। सिर्फ एक को देखने से गलतफहमी हो सकती है। धीरेंद्र कुमार का मानना है कि इन बदलावों से एक्टिव और पैसिव (इंडेक्स) फंड्स की रेट पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि सेबी ने डायरेक्ट प्लान्स पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया है।
नई दिल्ली: भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी की नेटवर्थ में गुरुवार को भारी तेजी आई। शेयर मार्केट में गिरावट के बावजूद अडानी ग्रुप के चेयरमैन की नेटवर्थ…
नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमत में आज फिर गिरावट आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत में करीब 1,000 रुपये की गिरावट आई है जबकि चांदी…
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में संकट को चलते हुए अब लगभग दो महीने हो गए हैं। ऐसे में भारतीय निर्यातक अपने कामकाज को सामान्य बनाने की कोशिश करने में जुटे हैं।…
नई दिल्ली: राघव चड्ढा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) से उनका सालों पुराना रिश्ता टूट गया है। उन्होंने AAP से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थामने…
नई दिल्ली: भारत में ग्लोबल कंपनियों के ऑफिसों (GCC-ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) में एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। TOI के मुताबिक, एक तरफ जहां नई भर्तियों में तेजी आई…
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में आज गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 800 अंक से ज्यादा लुढ़क गया था जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का…
नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड में गिरावट का दौर थमता दिखाई दे रहा है। पिछले एक महीने में स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेगमेंट के रूप में उभरे हैं।…