
इसमें 514 समूहों की शराब दुकानों के लिए समूह के साथ एकल ई-टेंडर भी किए जाएंगे। इसके लिए 27 मार्च दोपहर 12 बजे तक फॉर्म स्वीकार होंगे। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 में आबकारी से 19,500 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने बताया कि अभी तक जो दुकानें समूह में नीलाम हुई हैं, उनसे गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत के लक्ष्य के विरुद्ध 29 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।
शेष दुकानों के लिए आठवें चरण के ई-टेंडर कम ऑक्शन फॉर्म 27 मार्च को दोपहर 12.05 बजे खोले जाएंगे। नीलामी शुरू और बंद होने का समय 4.30 से शाम 5.30 बजे तक रहेगा। समूह में दी जाने वाली शराब दुकानों के आवंटन के लिए ऑफसेट रिजर्व प्राइज से अधिकतम 15 प्रतिशत से कम दर के ऑफर स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि आरक्षित मूल्य के 85 प्रतिशत से कम का ऑफर प्रस्तुत न किया जा सके। सातवें चरण के लिए बनाए गए समूहों को आठवें चरण में भी यथावत रखा जाएगा लेकिन अगर समूह के पुनर्गठन से राजस्व बढ़ने की संभावना है तो आवश्यकता के आधार पर समूहों का पुनर्गठन भी किया जा सकेगा।