मैं बेटी थी तो मरने के लिए छोड़ दिया... कौन हैं UFC फाइटर पूजा तोमर, रिंग आते ही मचाती हैं तबाही
Updated on
20-03-2025 02:22 PM
नई दिल्ली/ज्योतिर्मय हल्दर: दिल्ली से लगभग 150 किलोमीटर दूर मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना गांव में जून 2024 में एक उत्सव का माहौल था। बुढ़ाना में इससे पहले ऐसा माहौल कभी नहीं देखा गया था। बुढ़ाना की रहने की पूजा तोमर पर गांव के लोग फूलों की बारिश कर रहे थे। हर कोई उनके साथ फोटो लेना चाह रहे थे मिलना चाह रहे थे। पूरे गांव ने उनका चैंपियन की तरह स्वागत किया। किया भी क्यों नहीं जाता। पूजा तोमर ने काम ही ऐसा किया था।
दरअसल पूजा ने पिछले साल जून में भारत की तरफ से UFC बाउट जीतने वाली देश की पहली महिला बनी थी। उन्होंने रिंग में ब्राजील की रेयान अमांडा डोस सैंटोस को खूनी खेल में हराया था। हालांकि, पूजा के लिए के लिए जीत सिर्फ रिंग में नहीं थी, बल्कि उन्होंने उस लड़ाई में भी जीत हासिल की जो वह अपने जन्म के समय से लड़ती हुई आ रही थी। पूजा के जन्म के बाद बेहोश हो गए थे उनके पिता पूजा का जन्म बुढ़ाना के एक सामान्य परिवार में हुआ था। उनके घर में पहले ही उनकी दो बहनें अंजलि और अनु थी। इसके बाद जब पूजा जन्म हुआ था तो तीसरी बेटी की खबर सुनकर उनके पिता बेहोश हो गए। पूजा के पिता घर में तीसरी बेटी नहीं चाहते थे। ऐसे में उन्हें मरने के लिए एक बर्तन में छोड़ दिया गया। हालांकि, मां की ममता ने उन्हें बचा लिया, लेकिन अब पूजा ने साबित कर दिया की बेटियां बोझ नहीं होती।
पूजा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, 'जब मैं पैदा हुई तो मेरे पिता बेहोश हो गए। उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि वे तीसरी बेटी को नहीं पालेंगे। मुझे मरने के लिए एक बर्तन में छोड़ दिया गया था।' पूजा ने कहा कि उन्हें हमेशा कुछ साबित करना था। सिर्फ अपने परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को कि एक लड़की बोझ नहीं होती।
जैकी चेन को देख शुरू किया मार्श आर्ट
पूजा ने बचपन में एक बार चैकी चेन को एक वीडियो में देखा था और देखते हुए उन्होंने ठान लिया उन्हें भी ऐसा ही बनना है। ऐसे में स्कूल से ही उन्होंने कराटे सीखना शुरू कर दिया। सिर्फ सात साल की उम्र में पूजा ने कराटे के दौरान एक लड़के को इतनी जोर से मारा की वो बेहोश हो गया। पूजा ने आगे कहा, 'मैंने लड़कों को पीटने की इच्छा से कराटे की शुरुआत की थी, लेकिन आखिरकार मुझे एहसास हुआ कि यह एक सही खेल हो सकता है।'
कराटे में धीरे-धीरे पूजा की पहचान बनने लगी। अपने चाचा की मदद से पूजा को भोपाल के SAI सेंटर में ट्रेनिंग के लिए जगह मिल गई। सालों की ट्रेनिंग के बाद जब पूजा कांस्टेबल की नौकरी की पेशकश की गई, तो उन्हें यह अपमान जैसा लगा। पूजा ने कहा, 'इतना सब कुछ करने के बाद, एक कांस्टेबल की नौकरी? मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकती थी। इसी दौरान मैंने MMA के बारे में सुना और इसे शुरू करने की कोशिश की।'
MMA से पूजा के करियर ने भरी उड़ान
पूजा ने जब MMA की शुरुआत की थी तो उनके पास किसी तरह का कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं था। पैसे का सोर्स नहीं, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। पूजो को थोड़े-बहुत पैसे मिलते थे उसे वह अपनी ट्रेनिंग पर खर्च करती थी, लेकिन धीरे-धीरे पूजा को पहचान मिलती गई और स्पॉन्सर मिलने लगे। पूजा ने जब UFC की बाउट जीती तो उनके लिए एक सपने का पूरा होने जैसा था। पूजा की एक बड़ी फाइट आगामी 22 मार्च को ब्रिटेन की शाउना बैनन से होगा।
बता दें कि मैट से दूर पूजा को स्केचिंग करने का शौक है। उनकी दीवार चित्रों और शिल्पकारी से भरी हुई है। पूजा ने स्केचिंग को लेकर कहा, 'मेरे शौक लड़ने से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन मुझे स्केच करना मुझे पसंद है। यह मुझे जमीन से जोड़े रखता है।'
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