क्या आपने लिया है होम लोन, तो फटाफट जानिए इससे जुड़े कई चार्जेस

Updated on 11-10-2024 12:49 PM
 इंदौर।  अपने सपने का घर खरीदना हर किसी का सपना होता है। इस महंगाई में पैसों की बचत कर आशियाना खरीदना बेहद मुश्किल है। ऐसे में लोग होम लोन लेते है। इसमें किस्तों में पैसे देने पड़ते है और कुछ सालों के बाद घर आपका हो जाता है। इसमें ब्याज भी लगता है।

होम लोन में बैलेंस ट्रांसफर करने का विकल्प भी होता है। बैलेंस ट्रांसफर का ऑप्शन ग्राहक तब चुनता है जब दूसरे बैंक में कम ब्याज दर पर ऋण मिल रहा है। रीफाइनेंस करने से पहले आपको कुछ शुल्क के बारे में पता होना चाहिए, ताकि बैलेंस ट्रांसफर करवाने के बाद कोई परेशानी ना हो। आइए इन चार्जिस के बारे में जानते हैं।


प्रोसेसिंग चार्ज


अगर कोई होम लोन पर ट्रांसफर का विकल्प चुनता है, तो उसे प्रोसेसिंग फीस के रूप में कुछ रकम का 05. से 2 फीसदी चार्ज देना पड़ सकता है। मान लीजिए आपका बताया लोन 20 लाख रुपये है, तो प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में 10 हजार से 40 हजार रुपये तक देने होंगे।


रजिस्ट्रेशन चार्ज


अगर आप होम लोन में ट्रांसफर का विकल्प चुनते हैं, तो लोन एग्रीमेंट को फिर से पंजीकरण और स्टाम्प करना पड़ता है। स्टाम्प ड्यूटी संपत्ति की कीमत पर डिपेंड करती है। ये 3 से 7 फीसदी तक हो सकती है। मध्यप्रदेश में स्टाम्प ड्यूटी की दर 7.5 फीसदी और रजिस्ट्रेशन शुल्क 3 फीसदी है।


कानूनी और टेक्निकल फीस


यदि आप नए बैंक में बैलेंस ट्रांसफर करते हैं, तो बैंक प्रॉपर्टी की स्थिति और कानूनी दस्तावेज की जांच करता है। ऐसे में वकील या कानूनी टीम को पांच हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक कानूनी चार्ज दिया जाता है। वहीं, संपत्ति के मूल्यांकन के लिए तीन से पांच हजार रुपये तक टेक्निकल चार्ज देना पड़ता है।


आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं किया बदलाव


रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में बदलाव नहीं किया। गर्वनर शक्तिदांस कांत ने मॉनेटरी पॉलिसी के नतीजे पेश किए। आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 7 अक्टूबर को शुरू हुई थी। इस बैठक में रेपो रेट को 6.5% पर रखने का फैसला लिया गया है। यह 10वीं बार है जब केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में बदलाव नहीं किया है।


रेपो रेट में कमी आ सकती है


उन्होंने कहा, 'अगर मुद्रास्फीती कंट्रोल में रहती है और आर्थिक स्थिति स्थिर बनी रहती है, तो इस बात की पुरी संभावना है कि आरबीआई आगामी बैठकों में रेपो दरों में कमी ला सकता है। जैसा कि उद्योग जगत का अनुमान है, अगर ऐसा होता है, तो दिसम्बर या 2025 की शुरूआत तक ऋण लेने वालों की ईएमआई कम हो जाएगी, हालांकि यह बैंक पर भी निर्भर कर सकता है।'


अतुल मोंगा ने आगे कहा कि अगर आने वाले समय में आरबीआई द्वारा दरें की जाती हैं तो नए ऋण लेने वालों को अनुकूल माहौल का फायदा मिलेगा। क्रेडिट की मांग और व्यक्तिगत बैंक पॉलिसी जैसे पहलु भी इस बात को प्रभावित करें कि ईएमआई में कितनी जल्दी कमी आती है। ऋण लेने वालों को इस तरह के बदलावों के बारे में जानकारी रखनी चाहिए ताकि वे अपने होम लोन पर संभावी बचत का लाभ उठा सकें।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 29 April 2026
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। उसे न सिर्फ ऑयल एक्सपोर्ट करने में मुश्किल हो रही है, बल्कि…
 29 April 2026
नई दिल्‍ली: सोने और चांदी की कीमत में आज तेजी आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोना 1,500 रुपये महंगा हो गया जबकि चांदी की कीमत में 1,000 रुपये की…
 29 April 2026
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी ग्रुप की 3034.90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। इसके साथ…
 29 April 2026
नई दिल्ली: जोहो (Zoho) के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ( Sridhar Vembu ) की ओर से अमेरिका में बसे भारतीयों से वतन वापसी की अपील के बाद एक नई बहस छिड़ गई…
 29 April 2026
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पसंदीदा टैरिफ (आयात शुल्क) को सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद अब एक नया रास्ता निकाला है। ट्रंप प्रशासन अब…
 29 April 2026
नई दिल्ली: दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मार्केट कैप के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी का सालाना प्रॉफिट 10 अरब…
 29 April 2026
 देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन की राह आसान करने वाला संगठन है नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI)। इसका कहना है कि जैसे-जैसे इसका उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों के…
 29 April 2026
नई दिल्ली: शेयर मार्केट में बुधवार को जबरदस्त तेजी आई। सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा उछल गया। वहीं बंधन बैंक के शेयर में 12 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखा गया।…
 28 April 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट का असर भारत में सिर्फ कच्चे तेल या गैस तक सीमित नहीं है। खाड़ी देशों से आने वाली खाद यानी उर्वरक पर भी इसका असर दिखाई…
Advt.