सोना आसमान पर और जूलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट, ये कैसा विरोधाभास है? जान लीजिए वजह

Updated on 24-12-2025 02:52 PM
नई दिल्लीसोने की कीमत में इस साल काफी तेजी देखने को मिली है और यह करीब साढ़े चार दशक बाद अपने सबसे बेहतर प्रदर्शन की तरफ बढ़ रहा है। इसकी कीमत में इस साल 70% से ज्यादा तेजी आई है। लेकिन सोने की कीमत बढ़ने से जूलरी कंपनियों को नुकसान हुआ है। मार्केट कैप के हिसाब से टॉप 10 जूलरी कंपनियों में से आठ के शेयरों में इस साल गिरावट आई है। केवल टाइटन और Thangamayil Jewellery के शेयरों में तेजी आई है। टाइटन के शेयर में 17% और Thangamayil Jewellery में 72% तेजी आई है। बाकी बड़ी जूलरी कंपनियों के शेयरों में 44% तक गिरावट आई है।

पिछले एक साल में पीसी जूलर के शेयरों में सबसे ज्यादा 44% गिरावट आई है। यह अपने 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है। इस दौरान सेंको गोल्ड के शेयरों में 43.5% गिरावट आई है। कल्याण जूलर्स के शेयर 35% और स्काई गोल्ड एंड डायमंड्स के शेयर 38% गिरे हैं। हाल ही में लिस्ट हुई कंपनी पीएन गडगिल के शेयरों में एक साल में 15 फीसदी, ब्लूस्टोन जूलरी में 1 फीसदी और Motisons Jewellers के शेयरों में 45% गिरावट आई है।

मुनाफे पर दबाव

जानकारों का कहना है कि जूलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के कई कारण हैं। जूलरी कंपनियों के शेयर सोने की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के साथ तालमेल नहीं बैठ पाए हैं। सोने की कीमतें बढ़ने से कच्चे माल की लागत और वर्किंग कैपिटल की जरूरत बढ़ जाती हैं और इससे मुनाफे पर दबाव पड़ता है। जूलर्स के लिए सोना इनपुट कॉस्ट है। जब कीमत ज्यादा होती है तो बिक्री में गिरावट आती है।जानकारों के मुताबिक सोना महंगा होने से ग्राहक या तो खरीदारी टाल देते हैं या हल्के गहने खरीदते हैं। इससे बिक्री का वॉल्यूम कम हो जाता है और कंपनी की कमाई पर असर पड़ता है। कम लिक्विडिटी और बढ़ती ब्याज दरें ने भी उन जूलरी कंपनियों को प्रभावित किया है, जिन पर ज्यादा कर्ज है। कुछ ग्राहक वेट एंड वॉच की रणनीति अपना रहे हैं। 22 कैरेट सोने के पारंपरिक खरीदार अब 18 कैरेट सोने का रुख कर रहे हैं जबकि 14 कैरेट को भी छोटे उपहारों के लिए स्वीकार किया जा रहा है।

रुपये में गिरावट

रुपये में आई गिरावट ने भी सोने के खरीदारों के लिए इस मुश्किल को और बढ़ा दिया है। डीलरों का कहना है कि जैसे-जैसे रुपया कमजोर हो रहा है, भारतीय खरीदारों के लिए सोना और महंगा होता जा रहा है। जूलर्स के लिए यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि कब और कितना स्टॉक जमा करें। हाल ही में रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 91 के पार पहुंच गया था। साल 2023 में देश में संगठित जूलरी मार्केट लगभग ₹1,752 अरब का था और इसके 2029 तक ₹5,079 अरब तक पहुंचने का अनुमान है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 April 2026
नई दिल्ली: भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी की नेटवर्थ में गुरुवार को भारी तेजी आई। शेयर मार्केट में गिरावट के बावजूद अडानी ग्रुप के चेयरमैन की नेटवर्थ…
 24 April 2026
नई दिल्‍ली: सोने और चांदी की कीमत में आज फिर गिरावट आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत में करीब 1,000 रुपये की गिरावट आई है जबकि चांदी…
 24 April 2026
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में संकट को चलते हुए अब लगभग दो महीने हो गए हैं। ऐसे में भारतीय निर्यातक अपने कामकाज को सामान्य बनाने की कोशिश करने में जुटे हैं।…
 24 April 2026
नई दिल्‍ली: राघव चड्ढा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) से उनका सालों पुराना रिश्‍ता टूट गया है। उन्‍होंने AAP से इस्‍तीफा देकर बीजेपी का दामन थामने…
 22 April 2026
नई दिल्ली: आईफोन बनाने वाली अमेरिका की कंपनी ऐपल के सीईओ टिम कुक 15 साल की सर्विस के बाद पद छोड़ने जा रहे हैं। वह अगस्त 2011 में ऐपल के सीईओ…
 22 April 2026
नई दिल्ली: भारत में ग्लोबल कंपनियों के ऑफिसों (GCC-ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) में एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। TOI के मुताबिक, एक तरफ जहां नई भर्तियों में तेजी आई…
 22 April 2026
नई दिल्ली: देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी एचसीएल टेक के शेयरों में आज भारी गिरावट आई है। कंपनी के शेयरों में 11 फीसदी से अधिक गिरावट आई और यह 52…
 22 April 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में आज गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 800 अंक से ज्यादा लुढ़क गया था जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का…
 22 April 2026
नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड में गिरावट का दौर थमता दिखाई दे रहा है। पिछले एक महीने में स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेगमेंट के रूप में उभरे हैं।…
Advt.