
कोई भी सरकार हो अगर उसके कार्यकाल में बड़े अपराधियों का यदि अपराध करने के पहले पकड़ लिया जाता है तो इससे सरकार की वाहवाही तो होती ही है। हर राज्य मे यह अपेक्षा की जाती है कि कानून व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि यदि कोई बड़ा अपराधी बड़ा अपराध करने की योजना बना रहा है तो उसे पुलिस अपराध के पहेल पकड़ लें ऐसा होता है तो माान जाता है कि राज्य पें पुलिस चौकस है, कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी है। सरकार अपने नागिरकों की सुरक्षा करने में सक्षम है।
लारेंश विश्नोई और अमन साहु गैंग के चार शूटरों को रायपुर पुलिस ने अपराध करने के पहले गिरफ्तार कर वाहवाही का काम तो किया है। इससे रायपुर पुलिस की प्रतिष्ठा बढेगी,उसकी कार्यकुशलता की तारीफ तो होगी ही। बताया जाता है कि विश्लनोई व साहू गैग ने छत्तीसगढ़ व झारखंड के कोल व्यापारियो से प्रोटेकेशन मनी के रूप में पचास करोड़ रुपए की मांग की थी। उन्होंने यह प्रोटेक्शन मनी देनेै से इंकार कर दिया था इसिलए विश्नोई व साहू गैंग ने उनको मारने के लिए तीन राजस्थान व एक झारखंड से शूटर भेजा था। रायपुर पुलिस को उनके रायपुर आने व कोई बड़ा कांड करने की सूचना मिली थी, इस आधार पर रायपुर पुलिस ने इनका अपराध करने के पहले पकड़ने की योजना बनाई और चारों को गिरफतार कर लिया।
यह रायपुर पुलिस की बड़ी सफलता है क्योंकि उसने राजधानी रायपुर में एक बड़ा अपराध होने नहीं दिया। इससे साय सरकार व रायपुर की सराहना इस बात के लिए तो होगी ही कि उन्होंने अपराध करने वाले अपराधियों को पकड़ लिया। इसका परिणाम यह होगा कि अब देश के दूसरे राज्यों से अगर किसी गैंग के गुर्गे रायपुर कोई बड़ा अपराध करने को सोचेंगे तो वह सोच कर जरूर डरेंगे की रायपुर पुलिस तो दूूसरे राज्य के अपराधियों को जुर्म करने से पहले पकड़ लेती है। यानी दूसरे राज्य के अपराधी छत्तीसगढ़ में अपराध करने की सोच रहे होंगे तो वह सोचने से डरेंगे।
अगर चारों शूटर अपना काम करने में सफल हो जाते तो क्या होता। छत्तीसगढ़ के कारोबारियों का रायपुर पुलिस से भरोसा उठ जाता कि यह हमारी रक्षा कर सकती है। दूसरे राज्य के अपराधियों काे भी संदेश जाता कि छत्तीसगढ़ मे कोई भी बड़ा अपराध किया जा सकता है।वहां के कारोबारियों को डराया जा सकता है, उनसे करोड़ों की रंगदारी वसूल की जा सकती है। किसी राज्य में कोई अपराध होता है तो संदेश जाता है कि यहा अपराध किया जा सकता है। इसी तरह अपराध करने से पहले अपराधियों को पकड़ लिया जाता है तो यह संदेश जाता है कि यहां अपराध नहीं किया जा सकता।विश्नोई व साहू गैंग के चार शूटरों के अपराध के पहले पकड़े जाने से यह संदेश जरूर गया है कि छत्तीसगढ़ में साय सरकार के रहते अपराध करना आसान नहीं है।
पांच महीने का कार्यकाल में १२० नक्सलियों के मारे जाने, १५३ की गिरफ्तारी व ३७५ के सरेंडर करने से साय सरकार की इस बात के लिए पूरे देश में तारीफ हो रही है कि बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने के लिए सांय सांय नक्सलियो का सफाया हो रहा है। अमित शाह ने कहा है तो दो साल में बस्तर में नक्सलियों का सफाया कर दिया जाएगा तो साय सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने मे लगी हुई है। नक्सलियों के सफाए से राज्य की पुलिस व सुरक्षाबलों की तारीफ तो हो ही रही थी, अब शूटरों के पकड़े जाने से राज्य पुलिस की तारीफ होगी ही। कहा जाता है कि राज्य का नेतृ्व बदलने से भी बहुत कुछ बदलता है तो छत्तीसगढ़ में सीएम साय के नेतृत्व में बहुत कुछ बदला है तथा आगे भी बहुत कुछ बदलने की उम्मीद की जा सकती है।