मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस वर्ष मार्च के बाद अप्रैल माह की शुरुआत से उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के आने का सिलसिला बना रहा। उनके प्रभाव से प्रेरित एवं प्रति चक्रवात भी बनते रहे। अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण बादल बने रहे। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के पश्चिमी एवं पूर्वी क्षेत्र में रुक-रुककर वर्षा होती रही। इस वजह से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो सकी है।
यहां सक्रिय हैं वेदर सिस्टम
वर्तमान में भी एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से तापमान में अधिक बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। तीन मई को भी एक तीव्र आवृति वाले पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में आने के संकेत मिले हैं। उसके प्रभाव से चार-पांच मई को बादल छा सकते हैं। छह-सात मई को राजधानी सहित कई शहरों में हल्की वर्षा भी हो सकती है। इस वजह से मई के पहले सप्ताह में भी दिन के तापमान में अधिक बढ़ोतरी होने के आसार कम ही हैं।
पिछले 10 वर्ष में भोपाल में अप्रैल में दर्ज सर्वाधिक तापमान
वर्ष --- तारीख --- तापमान
2014 --- 27,30 --- 42.1
2015 --- 20 --- 42.5
2016 --- 30 --- 42.7
2017 --- 18 --- 42.7
2018 --- 29 --- 42.8
2019 --- 30 --- 43.7
2020 --- 21 --- 40.8
2021 --- 10 --- 42.8
2022 --- 30 --- 43.3
2023 --- 17,18 --- 40.9
2024 --- 29 --- 40.8
पिछले 10 वर्ष में मई में दर्ज सर्वाधिक तापमान
वर्ष --- तारीख --- तापमान
2014 --- 31 --- 44.5
2015 --- 20 --- 45.0
2016 --- 21 --- 46.7
2017 --- 28 --- 45.1
2018 --- 28,30 --- 45.3
2019 --- 30 --- 44.2
2020 --- 26 --- 44.5
2021 --- 07 --- 42.8
2022 --- 14 --- 45.1
2023 --- 14 --- 43.4