
भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी स्व. अरविंद जोशी व अन्य के विरुद्ध दूसरी पूरक अभियोजन शिकायत भोपाल में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के विशेष न्यायालय में प्रस्तुत की है। इसमें ईडी ने चार बार में बंधक 13 करोड़ 60 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति राजसात करने का प्रस्ताव दिया है। जोशी दंपती के आवास व अन्य ठिकानों पर फरवरी 2010 में आयकर विभाग ने छापा मारा था। इसके बाद लोकायुक्त ने प्रकरण कायम किया और सरकार ने दोनों को बर्खास्त कर दिया था।
ईडी ने लोकायुक्त भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। मध्य प्रदेश कैडर के दोनों पूर्व आईएएस अधिकारियों पर 41.87 करोड़ रुपये की चल/अचल संपत्ति रखने का आरोप था, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों के अनुपात में अधिक थी। जांच में पता चला कि उन्होंने कुछ ऐसे लोगों के नाम पर भी संपत्तियां खरीदीं जिनसे उनका कोई संबंध नहीं था। भ्रष्टाचार के इस बड़े नेटवर्क ने तत्कालीन प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया था।
ईडी ने चार अलग-अलग आदेश से इनकी 13 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति बंधक कर ली है। पांच करोड़ रुपये की संपत्ति 28 जनवरी को बंधक की गई थी। अब विशेष न्यायालय में पूरक शिकायत दर्ज कर इन संपत्तियों को पूरी तरह राजसात करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह मामला मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार प्रकरणों में से एक माना जाता है, जिसमें आय से कई गुना अधिक निवेश के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।