इस बीच महाराष्ट्र में इनफॉर्मल सेक्टर वर्कर्स की संख्या में 2015-16 में 91.23 लाख थी जो 2022-23 में 1.15 करोड़ पहुंच गई। इस दौरान मध्य प्रदेश, गुजरात और ओडिशा में भी इनफॉर्मल सेक्टर वर्कर्स की संख्या में तेजी आई। देश में प्रवासी मजदूरों के सबसे बड़े स्रोत बिहार में साल 2015-16 और 2021-22 के बीच इनफॉर्मल सेक्टर वर्कर्स की संख्या में गिरावट आई लेकिन 2022-23 में इसमें भारी देखने को मिली और यह संख्या महामारी से पहले के दौर से भी ऊपर पहुंच गई। राज्य में 2015-16 में इनफॉर्मल सेक्टर वर्कर्स की संख्या 53.07 लाख थी जो 2021-22 में 43.22 लाख रह गई। लेकिन 2022-23 में यह बढ़कर 58.95 लाख पहुंच गई।



