एमपी में पशुओं की पहचान के लिए रंगीन टैग

Updated on 07-04-2026 11:48 AM
भोपाल, एमपी में बेसहारा गोवंश सरकार और किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। एक तरफ जहां किसानों की फसलों को बेसहारा जानवर नुकसान पहुंचाते हैं, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर घूमते ये पशु दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। अब एमपी सरकार प्रदेशभर में गोवंशीय और भैंसवंशीय पशुओं के लिए अलग-अलग रंगों के टैग लगाने जा रही है। इस पूरे मामले पर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने दैनिक भास्कर से बातचीत की।

सवाल: बेसहारा जानवरों की पहचान के लिए क्या योजना है?

जवाब: हम लोगों ने केंद्र सरकार को सुझाव देते हुए पत्र लिखा था कि गोशाला, निराश्रित और पालतू जानवरों के लिए अलग-अलग रंग के टैग हों। दो रंग के टैग को लेकर केंद्र से सहमति मिल गई है। बहुत जल्द केंद्र हमें ये टैग उपलब्ध कराएगा।

टैग लगने से पशुओं की पहचान हो सकेगी। रंग के आधार पर आम लोग समझ पाएंगे कि पशु निराश्रित है या पालतू। यदि पालतू होगा तो उसके टैग से पहचान हो जाएगी कि वह किसी का है या उसे छोड़ा गया है। इससे पशुओं की पहचान आसान होगी और धीरे-धीरे इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

सवाल: प्रदेश भर में कुल कितने पशु हैं?

जवाब: प्रदेशभर में गोवंश और भैंसवंशीय नस्ल के पशुओं की बात करें तो दोनों को मिलाकर लगभग 2 करोड़ 90 लाख जानवर हैं। इनमें से 1 करोड़ 57 लाख गोवंश हैं और शेष भैंसवंशीय हैं।

मंत्री बोले- 5 हजार से ज्यादा क्षमता वाली गोशालाएं बन रही हैं

पशुपालन मंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वावलंबी गोशालाओं की स्थापना नीति-2025 लागू की गई है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में उपलब्ध गोवंश के आश्रय और भरण-पोषण के लिए 5 हजार से ज्यादा क्षमता वाली बड़ी गोशालाएं स्थापित की जा रही हैं। आगर मालवा, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जिलों में आदर्श गोशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि भोपाल, जबलपुर और सागर में इनका निर्माण काम चल रहा है। ग्वालियर स्थित आदर्श गौशाला में देश का पहला 100 टन क्षमता वाला सीएनजी प्लांट स्थापित किया जा रहा है।

गौशालाओं को प्रति गोवंश 40 रुपए चारा-भूसा के लिए दिया जा रहा अनुदान

पशुपालन मंत्री ने बताया कि गोसंवर्धन बोर्ड के माध्यम से गोशालाओं को चारा-भूसा अनुदान के लिए 505 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। गोशालाओं में गोवंश के बेहतर आहार की व्यवस्था के लिए प्रति गोवंश दी जाने वाली सहायता राशि 20 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 40 रुपए प्रतिदिन कर दी गई है। घायल और असहाय गायों के लिए हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग वाहनों की व्यवस्था भी की जा रही है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
भोपाल। प्रशासनिक कार्य-सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने टीटी नगर वृत्त के एसडीएम पद पर बदलाव किया है। डिप्टी कलेक्टर व शहर एसडीएम दीपक पांडे को उनके…
 05 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), श्रम संहिता सहित अन्य कई महत्वपूर्ण विधेयक बिना चर्चा ध्वनिमत से पारित हो गए। कांग्रेस के सदस्य यूसीसी…
 05 September 2026
भोपाल। प्रदेश में हर साल स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ रहा है। स्कूलों को सर्वसुविधायुक्त बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के तमाम दावे किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी…
 05 September 2026
भोपाल। भोपाल में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ चल रही सीलिंग की कार्रवाई और मास्टर प्लान को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार का रुख स्पष्ट किया है। शुक्रवार…
 05 September 2026
 भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान का शुभारंभ किया। साथ ही अभियान की संकल्पना…
 05 September 2026
भोपाल। बड़े तालाब की सीमा को लेकर वर्षों से चल रहे सर्वे और सीमांकन के खेल के बीच अब प्रशासन वैज्ञानिक तरीके से इसकी वास्तविक हद तय करने जा रहा…
 05 September 2026
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारा मध्य प्रदेश ग्रीन स्टेट तो है ही, अब ग्रीन और क्लीन एनर्जी सेक्टर (नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र) में भी एक…
 05 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता जांच की व्यवस्था को लेकर गंभीर कमियां उजागर हुई हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय…
 05 September 2026
भोपाल। एक तरफ कई सरकारी स्कूलों में एक ही शिक्षक के कंधों पर पढ़ाई कराने के साथ-साथ मध्याह्न भोजन प्रबंधन, यू-डाइस प्रविष्टि, समग्र आईडी पोर्टल अपडेट और बच्चों को स्कूल…
Advt.