कोयला लेवी घोटाला...सूर्यकांत के करीबी को नहीं मिली बेल

Updated on 03-04-2026 11:45 AM
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बहुचर्चित कोयला लेवी घोटाले के सरगना सूर्यकांत तिवारी के करीबी आरोपी देवेंद्र डडसेना की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने कहा कि आर्थिक अपराध गंभीर श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में जमानत देने में विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है। यह समाज और अर्थव्यवस्था के लिए घातक है।

कोयला घोटाले में EOW और ACB ने आईपीसी की धारा 384, 420, 120-बी, 467, 468, 471 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया कि कोयला परिवहन पर अवैध वसूली का बड़ा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। इस नेटवर्क के तहत प्रति टन 25 रुपए की अवैध वसूली की जा रही थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच इस सिंडिकेट की ओर से करीब 540 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की गई। इस पूरे मामले में कई नौकरशाह, कारोबारी और अन्य लोग शामिल पाए गए हैं।

मास्टरमाइंड सूर्यकांत का करीबी रहा है देवेंद्र डडसेना

आरोप है कि मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी ने अफसरों और नेताओं की मिलीभगत से 570 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली कराई। वसूली का काम देवेंद्र डडसेना और एक अन्य व्यक्ति संभालते थे। लेन-देन के लिए वॉट्सऐप पर पाल, दुर्ग, वीकली, टावर और जुगनू नाम से ग्रुप बनाए गए थे, जिनमें बातचीत में कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था।

आरोपी देवेंद्र करता था पैसों की वसूली और वितरण

हाईकोर्ट में पेश दस्तावेजों और केस डायरी के अनुसार देवेंद्र डडसेना कथित तौर पर इस सिंडिकेट की अहम कड़ी था, उस पर अवैध वसूली की रकम लेने और बांटने का आरोप है। जब्त की गई डायरी और गवाहों के बयानों में लगभग 52 करोड़ रुपए के लेन-देन का जिक्र है।

जांच में यह भी सामने आया कि यह राशि राजनीतिक और अन्य खर्चों में उपयोग की गई। आरोपी की ओर से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है और कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है, केवल सह-आरोपी के बयान हैं।

वहीं राज्य सरकार ने दलील दी कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध का है, आरोपी की भूमिका महत्वपूर्ण और सक्रिय रही है। साक्ष्य से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है और जांच अभी जारी है, इसलिए जमानत देना उचित नहीं है।

हाईकोर्ट ने कहा- समाज और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा

हाईकोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध अलग श्रेणी के होते हैं। समाज और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डालते हैं। ये अपराध योजनाबद्ध तरीके से निजी लाभ के लिए किए जाते हैं। आरोपी की भूमिका गंभीर है और साक्ष्यों से सिद्ध होती है।

अपराध की गंभीरता और रकम अत्यधिक होने के कारण जमानत देना न्याय के हित में नहीं होगा। इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का कोयला लेवी घोटाला

ED का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला किया गया है। इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ईडी का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई है।

छत्तीसगढ़ में अवैध कोल लेवी वसूली का मामला ईडी की रेड में सामने आया था। दावा है कि, कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था।

2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों समेत 36 पर FIR

छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाले मामले में ED की रिपोर्ट पर ACB /EOW ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। जिस पर अब ACB-EOW की टीम जांच कर रही है। इस मामले में IAS रानू साहू के अलावा IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था।

सूर्यकांत तिवारी की क्या थी भूमिका

ईडी की जांच के मुताबिक सूर्यकांत तिवारी ने कोयला परिवहन और परमिट प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के जरिए करोड़ों की अवैध वसूली का मास्टरमाइंड माना गया है। आरोप है कि प्रति टन 25 रुपए की दर से वसूली कर रकम उसके कर्मचारियों के जरिए जमा कराई जाती थी, और इसके बदले संबंधित व्यापारियों को खनिज विभाग से परमिट जारी किए जाते थे।




अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 April 2026
रायपुर,राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु चलाए जा रहे ‘ज्ञानभारतम‘ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को अब तेज गति देने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में…
 23 April 2026
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते…
 23 April 2026
रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी एनआरएलएम (बिहान) योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। मुंगेली जिले के जनपद पंचायत लोरमी…
 23 April 2026
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के दर्शन का अवसर…
 23 April 2026
रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में नो प्लास्टिक अभियान की ब्रांड एंबेसडर श्रीमती शुभांगी आप्टे ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने रायपुर नगर निगम क्षेत्र को प्लास्टिक…
 23 April 2026
कोरिया। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के जिला कार्यालय बैकुण्ठपुर द्वारा बुधवार को समीक्षा रिपोर्ट में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी और उठाव की प्रगति सामने आई…
 23 April 2026
महासमुंद। जिले के विकासखंड सरायपाली से 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत देवलभांठा में आज हर घर जल योजना के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीणां को जल संकट से मुक्ति मिली है।…
 23 April 2026
सुकमा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले में विकास कार्यों को नई गति मिली है। जिले में रोड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विस्तार किया जा रहा है।…
 23 April 2026
सुकमा। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय सुकमा ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जहाँ विद्यालय के चार मेधावी छात्रों दिव्यांश भंडारी, हरीश कुमार, लक्ष्मण बारसे और रामलाल…
Advt.