दावा-4 रातों से सोया नहीं था मालगाड़ी का लोको पायलट:नियम लगातार सिर्फ 2 रात ड्यूटी का ,रंगापानी के स्टेशन मास्टर की जांच की मांग

Updated on 19-06-2024 12:58 PM

कंचनजंगा ट्रेन दुर्घटना के बाद से रेलवे बोर्ड मालगाड़ी के लोको पायलट पर हादसे का दोष मढ़ रहा है। बोर्ड का कहना है कि लोको पायलट ने रंगापानी स्टेशन से टीए 912 अथॉरिटी पास लेने के बाद मालगाड़ी को खराब सिग्नलों के बीच तय लिमिट से ज्यादा गति से निकाला, इसलिए हादसा हुआ।

इस पर ऑल इंडिया रनिंग लोको स्टाफ एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एसएस ठाकुर ने दैनिक भास्कर को बताया कि सिग्नल फेल होने पर जिस वैकल्पिक फार्म टीए 912 के जरिए ट्रेनें चलाई जाती हैं, उससे जुड़ा नियम ये भी है कि जब तक आगे वाली ट्रेन अगला स्टेशन पार न कर ले, तब तक दूसरी ट्रेन को पिछले स्टेशन से आगे नहीं बढ़ाते हैं।

रंगापानी स्टेशन पर यही गलती हुई। यहां के स्टेशन मास्टर ने कंचनजंगा के आगे बढ़ने के 15 मिनट बाद ही मालगाड़ी को टीए 912 पेपर दे दिया था। जबकि उस वक्त कंचनजंगा एक्सप्रेस कुछ किमी आगे ट्रैक पर खड़ी थी। स्टेशन मास्टर की इस गलती की भी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जिस लोको पायलट पर हादसे का दोष मढ़ा जा रहा है, वो लगातार 4 रातों से सोया नहीं था। जबकि नियम अधिकतम लगातार 2 रात ड्यूटी का है। सिग्नल खराब होने की स्थिति में लोको पायलट्स को गाड़ी कैसे चलानी है, इसकी पर्याप्त ट्रेनिंग नॉर्थ-ईस्ट जोन के लोको स्टाफ को आज तक नहीं दी गई है।

मालागाड़ी की रफ्तार 78 किमी प्रति घंटा थी
ठाकुर ने आगे कहा कि लोको पायलटों को दोषी बताने की परंपरा पुरानी है। ओडिशा में हुए कोरोमंडल रेल हादसे के बाद कहा गया कि लोको पायलट और को-पायलट मोबाइल पर क्रिकेट देख रहे थे, इसी वजह से वो सिग्नल नहीं देख पाए। जबकि, कमिश्नर सेफ्टी की जांच में पता चला कि हादसे के दो घंटे पहले से दोनों के फोन स्विच ऑफ थे।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने दावा किया कि स्पीडोमीटर की शुरुआती जांच में पता चला है कि हादसे के वक्त मालगाड़ी की रफ्तार 78 किमी प्रति घंटा थी। वहीं, इस घटना में घायल हुई 6 साल की स्नेहा की 18 जून को मौत हो गई। इससे मृतक संख्या 10 हो गई है।

हादसे के कारण का पता लगाने के लिए जांच
कंचनजंगा ट्रेन हादसे को लेकर एक महिला पैसेंजर ने मालगाड़ी के दोनों ड्राइवरों (लोको और को-लोको पायलट) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का नाम चिन्मय मजूमदार है। वे कंचनजंगा एक्सप्रेस में बैठी थीं। हादसे में चिन्मय को भी चोटें आई हैं।

चिन्मय ने अपनी शिकायत में लिखा- जब मैं ट्रेन से नीचे उतरी तो देखा कि मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मारी। मालगाड़ी का इंजन बुरी तरह डैमेज हो गया था। हादसा मालगाड़ी के लोको और को-लोको पायलट की लापरवाही से हुआ।

उधर, नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए बुधवार (19 जून) को इन्क्वायरी करेगा। ये जांच चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी जनक गर्ग ADRM चेंबर में करेंगे। इसके लिए हादसे से जुड़े सबूतों को जांच अधिकारी के पास भेजने को कहा गया है। साथ ही कुछ लोगों को बुलाया भी गया है।

रूट की 7 ट्रेनें कैंसिल, 37 ट्रेनें डायवर्ट
फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद कंचनजंगा ट्रेन 18 जून की देर रात करीब 3.15 बजे सियालदह पहुंची। हालांकि, हादसे के कारण इस रूट से जाने वाली 7 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया। साथ ही, 37 ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया।

NFR DRM सुरेंद्र कुमार ने कहा- 17 जून की रात से लगातार बारिश हो रही थी, फिर भी लाइन को बहाल करने के लिए काम जारी है। लगभग 90% काम हो चुका है, दोपहर तक दोनों ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में 17 जून की सुबह 8:55 बजे एक मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस (13174) को पीछे से टक्कर मार दी थी। रेलवे के मुताबिक इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। जबकि घायल हुए 41 पैसेंजर्स का इलाज चल रहा है।

दावा- जब हादसा हुआ, उसके 3 घंटे पहले से सिग्नल खराब था

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक रानीपात्रा रेलवे स्टेशन और छत्तर हाट जंक्शन के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम सुबह 5.50 बजे से ही खराब था। कंचनजंगा एक्सप्रेस सुबह 8:27 बजे रंगापानी स्टेशन से रवाना हुई और रानीपात्रा स्टेशन से छत्तर हाट के बीच रुकी रही।

जब सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी आती है तो स्टेशन मास्टर TA-912 रिटन अथॉरिटी जारी करता है। यह ड्राइवर को खराबी के कारण सभी रेड सिग्नल पार करने का अधिकार देता है। रानीपात्रा के स्टेशन मास्टर ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को TA-912 जारी किया था। ट्रेन 10 मिनट यहां रुकी रही। 8:42 बजे रंगापानी से निकली मालगाड़ी 8.55 पर कंचनजंगा एक्सप्रेस से भिड़ गई।

सूत्रों के मुताबिक, केवल जांच से ही पता चल सकता है कि क्या मालगाड़ी को खराब सिग्नल को तेज गति से पार करने के लिए TA-912 भी दिया गया था या यह लोको पायलट की गलती थी, जिसने डिफेक्टिव सिग्नल नॉर्म का उल्लंघन किया।

यदि दूसरी कंडीशन अप्लाय होती है तो रेलवे के नियम के मुताबिक, ड्राइवर को हर डिफेक्टिव सिग्नल पर एक मिनट के लिए ट्रेन को रोकना चाहिए था। इतना ही नहीं, इस दौरान ट्रेन की स्पीड भी 10 किमी प्रति घंटे की होनी चाहिए थी।

घायलों और मरने वालों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना में जान गंवाने वाले परिवारों को 10 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 2.50 लाख रुपए और मामूली घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। इसके अलावा हादसे में मारे गए लोगों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए मदद का ऐलान किया गया है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 March 2026
गाजियाबाद: करीब दो वर्षों से चल रहे गाजियाबाद के हाउस टैक्स विवाद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया है। 10 मार्च को शासन ने नगर निगम द्वारा लागू की गई बढ़ी हुई…
 11 March 2026
मऊ: उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ में शाहगंज रेलखंड पर प्रस्तावित अंडरपास को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। घोसी सांसद राजीव राय और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एके…
 11 March 2026
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से शादी के दौरान बवाल का मामला सामने आया है। घटना खतौली थाना क्षेत्र का है। दरअसल, इलाके के एक गांव में शादी वाले घर पर…
 11 March 2026
जयपुर: राजस्थान में एलपीजी गैस की सप्लाई में कटौती के साथ ही कालाबाजारी की शिकायतें सामने आने लगी हैं। घरेलू इस्तेमाल वाले 14.5 किलो के सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं से 600…
 11 March 2026
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों की सेवा नियमित करने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। पिछले दिनों यूपी विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों के…
 11 March 2026
पटना: बिहार की राजनीति में अक्सर 'परिवारवाद' के जरिए नेताओं के बेटों को सत्ता के शिखर पर बैठाने की परंपरा रही है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत इस बार…
 11 March 2026
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने 13 साल से कोमा में रह रहे 31 साल के युवक हरीश राणा…
 09 March 2026
लखनऊ: यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पांच मार्च को कानपुर के दौरे पर थे। वह वहां जिस हेलिकॉप्‍टर से गए थे, वह चर्चा का विषय बन चुका है। दरअसल, यूपी सरकार…
 09 March 2026
मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले में अपराधियों का दुस्साहस थमने का नाम नहीं ले रहा है। रामपुर हरि थाना क्षेत्र के कोयली भराव गांव में बीती रात पोल्ट्री फार्म व्यवसायी रणधीर कुमार की…
Advt.