चीन का प्लान
चीन दुनिया में कच्चे तेल का सबसे बड़ा आयातक है। पिछले साल उसे रोजाना 11.6 मिलियन बैरल कच्चे तेल का आयात किया जो 2024 की तुलना में 4.4 फीसदी अधिक है। जानकारों का कहना है कि चीन ने अपने यहां तेल का बड़ा भंडार जमा कर रखा है। उसने सस्ते में तेल खरीदा और अब कीमत बढ़ने पर वह इस तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचकर मोटा पैसा कमा सकता है।पिछले सत्र में ब्रेंट क्रूड 2.03 डॉलर यानी 2.87 फीसदी तेजी के साथ 72.87 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज की खाड़ी से कच्चे तेल का आवाजाही प्रभावित हुई तो कच्चे तेल की कीमत 95 से 110 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है। यह भारत के लिए भी अच्छी खबर नहीं है क्योंकि भारत का आधा से ज्यादा तेल इसी रास्ते आता है। अगर ईरान होर्मुज को बंद कर देता है तो इससे भारत और चीन का तेल आयात काफी प्रभावित हो सकता है। इससे कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं। भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात करता है।



