बॉलीवुड को भा रहे चंदेरी के किले और संकरी गलियां, 'स्त्री' से 'सुई धागा' तक की हुई शूटिंग, दिखी MP की खूबसूरती
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28-03-2025 02:17 PM
मध्यप्रदेश वैसे तो आजादी के बाद से ही फिल्मों की शूटिंग के लिए खास जगह रहा है। राजकपूर ने अपनी फिल्म 'श्री-420' के 'मेरा जूता है जापानी' की शूटिंग MP के शाजापुर की कई लोकेशन पर की थी। इसके अलावा सिहोर, भोपाल, ग्वालियर जैसी जगहें भी बॉलीवुड को आकर्षित करती रही हैं। लेकिन इन दिनों एमपी का चंदेरी फिल्मवालों के लिए फेवरेट जगह बना हुआ है।
चंदेरी अपनी ऐतिहासिक धरोहर, खूबसूरत किलों और संकरी गलियों के कारण कई फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए पसंदीदा जगह बन चुका है। 2018 में आई राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर स्टारर हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'स्त्री' और फिर 2023 में बनी 'स्त्री 2' की 90 फीसदी शूटिंग चंदेरी में हुई।
'सूई धागा' और 'लुका छुपी' की हुई शूटिंग
फिल्म 'सुई धागा' की तकरीबन पूरी शूटिंग भी यहीं पर की गई। वरुण धवन और अनुष्का शर्मा की यह फिल्म भारतीय कारीगरों और हस्तशिल्प की कहानी पर आधारित थी। इसके बाद 2019 में आई 'लुका छुपी'। कार्तिक आर्यन और कृति सेनन की इस रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म के कुछ हिस्से भी चंदेरी में शूट हुए।
'भेड़िया' और 'टर्टल' भी फिल्माया गया
फिर 2022 में वरुण धवन और कृति सेनन स्टारर हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भेड़िया' के कुछ हिस्सों की शूटिंग भी यहां पर की गई थी। यही नहीं, 2018 में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म 'टर्टल' फिल्म के कुछ दृश्य चंदेरी में शूट किए गए थे, जिसमें पानी की समस्या को अच्छी तरह उजागर किया गया। कई डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज में भी चंदेरी को बखूबी दिखाया गया है, खासतौर पर भारतीय हस्तशिल्प और ऐतिहासिक धरोहर पर आधारित प्रोजेक्ट्स में
ये फिल्में भी हैं लिस्ट में
हाल ही में वहां पर फिल्म 'चिमनी' की शूटिंग हुई है। इसके अलावा 'कलंक', 'अक्कड़-बक्कड़', 'महारानी' इस तरह एक के बाद एक फिल्मों की शूटिंग से चंदेरी लाइमलाइट में आ गया।
शूटिंग से फेमस हुई कई घूमने जगहें
फिल्मों में जब कोई एतिहासिक और खूबसूरत जगह दिखाई जाती है तो टूरिज्म के लिहाज से भी वो जगह लोगों की नजर में आती है। चंदेरी, जो कभी अपने ऐतिहासिक किलों, मंदिरों और प्रसिद्ध चंदेरी साड़ियों के लिए जाना जाता था, अब बॉलीवुड फिल्मों की वजह से एक लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। खासतौर पर फिल्म 'स्त्री' के बाद इस छोटे से कस्बे को देशभर में पहचान मिली।
चंदेरी में बढ़ गए 50 फीसदी टूरिस्ट
इस बारे में गाइड मुजफ्फर अंसारी बताते हैं, 'शूटिंग के बाद चंदेरी में टूरिस्ट करीब 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जिसमें राजा रानी महल, कटी घाटी, कोशक महल, बादल महल जैसी जगहें बेहद पॉपुलर हुईं। क्योंकि इन महलों का छुपा है इस शहर का इतिहास। वह बताते हैं कि राजा रानी महल, कटी घाटी खासकर स्त्री मंदिर और स्त्री लिखा हुआ दरवाजा फिल्म के बाद बहुत मशहूर हो गए। 'भेड़िया' और 'सुई धागा' जैसी फिल्मों की शूटिंग ने भी इस जगह की खूबसूरती को दुनिया के सामने रखा। अब न सिर्फ इतिहास प्रेमी, बल्कि फिल्म लवर्स भी चंदेरी की गलियों में घूमने और वहां की खूबसूरती को देखने के लिए पहुंचने लगे हैं।'
टेंट सिटी के मैनेजर विष्णु चौधरी कहते हैं कि 'स्त्री 2' की शूटिंग के बाद इस शहर के लिए पर्यटकों की दिलचस्पी बढ़ी है। पिछले साल की तुलना में इस बार टूरिस्ट यहां ज्यादा आए हैं। इसकी वजह है यहां के खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट। इको रिट्रीट टेंट सिटी में पर्यटक एडवेंचर एक्टिविटी व हेरिटेज वॉक में आने वालों की संख्या में भी पहले के मुकाबले काफी इजाफा हुआ है। टूरिज्म बढ़ा, जिससे होटलों, गाइड्स, लोकल दुकानों और हस्तशिल्प उद्योग को फायदा हुआ। वह बताते हैं कि कई टूर ऑपरेटर्स अब फिल्म टूरिज्म के तहत चंदेरी घूमने के पैकेज भी ऑफर करने लगे हैं।
मध्यप्रदेश में ये जगह भी हैं फिल्ममेकर्स की पसंद
मध्यप्रदेश की बात करें तो सिर्फ चंदेरी ही नहीं बल्कि कई जगहों पर तमाम फिल्में और वेब सीरीज की शूटिंग हुई है। जैसे 1957 में फिल्म 'रानी रूपमती' और 'नया दौर' की शूटिंग सीहोर जिले में हुई थी। वेब सीरीज 'पंचायत' की वजह से सिहोर हाल ही में काफी चर्चा में रहा है। 1963 में 'मुझे जीने दो' फिल्म की शूटिंग चंबल क्षेत्र में हुई। इसी तरह 'बैंडिट क्वीन', 'प्यार किया तो डरना क्या', 'हो तू-तू', 'भोपाल एक्सप्रेस', 'अशोका', 'मकबूल', 'जब वी मेट', 'पीपली लाइव', 'आरक्षण' और 'पान सिंह तोमर' जैसी फिल्मों के कई हिस्से मध्यप्रदेश की अलग-अलग जगहों पर फिल्माए गए।
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