अभी क्या है बिटकॉइन की कीमत?
शनिवार सुबह 11 बजे एक बिटकॉइन करीब 83,900 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। पिछले 24 घंटे में इसमें मामूली गिरावट आई है। हालांकि इस दौरान यह 85 हजार डॉलर के पार भी निकल गया था, लेकिन बाद में कीमत लुढ़क गई। बात अगर पिछले 7 दिनों की करें तो इसमें 3.50 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। वहीं एक महीने में इसने 6 फीसदी से ज्यादा की छलांग मारी है।87000 डॉलर से क्यों गिरा बिटकॉइन?
- बुधवार को अमेरिका में S&P ग्लोबल बिजनेस एक्टिविटी (PMI) रिपोर्ट जारी हुई। सितंबर का कंपोजिट PMI बढ़कर 58.4 हो गया, जो जुलाई 2021 के बाद सबसे तेज बढ़ोतरी है। इसके साथ ही कंपनियों की लागत (इनपुट कॉस्ट) और ट्रांसपोर्ट खर्च में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई।
- मजबूत आर्थिक आंकड़ों और महंगाई की आशंका के बाद अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड (ब्याज दर का असर) बढ़कर 5.058% तक पहुंच गई।
- बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण बिटकॉइन जैसी बिना-ब्याज वाली संपत्तियों में बिकवाली का दबाव बना। इसके अलावा, फ्यूचर्स मार्केट में ट्रेडर्स की बड़ी पोजीशन लिक्विडेट होने से कीमत तेजी से नीचे आई।
इससे पहले बिटकॉइन में क्यों आई थी तेजी?
- बिटकॉइन ने 45 हफ्तों में पहली बार अपने 50-वीक मूविंग एवरेज (78,786 डॉलर) से ऊपर साप्ताहिक क्लोजिंग दी थी।
- ब्रेंट क्रूड ऑयल 108 डॉलर से गिरकर 101-102 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था, जिससे वैश्विक महंगाई कम होने की उम्मीद जगी थी।
- अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETFs में लाखों डॉलर का शुद्ध निवेश देखने को मिला।
- बाजार में बिटकॉइन गिरने पर दांव लगाने वाले (शॉर्ट ट्रेडर) ट्रेडर्स के लगभग 750 मिलियन डॉलर के सौदे कट गए, जिससे बाजार में जबरन खरीदारी का माहौल बना।
क्या बिटकॉइन फिर उड़ान भरेगा?
- बिटकॉइन में आगे तेजी आएगी या नहीं, यह स्पष्ट रूप से कहना तो मुश्किल है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इसमें तेजी आने वाली है।
- वजीरएक्स के फाउंडर निश्चल शेट्टी ने बताया कि बिटकॉइन का इतिहास देखें तो पता चलेगा कि हर 4 साल में इसमें तेजी आती है। पिछले साल 2025 में अक्टूबर में यह 1.20 लाख डॉलर के पार पहुंच गया था जो इसका अब तक का हाई लेवल है।
- इससे पहले नवंबर 2021 में बिटकॉइन करीब 65 हजार डॉलर पर पहुंच गया था, जो इसका उस समय का ऑल टाइम हाई थी।
- इसी प्रकार दिसंबर 2021 में बिटकॉइन ने 19 हजार डॉलर का आंकड़ा पार किया था, जो उस समय का इसका ऑल टाइम हाई था।
- निश्चल शेट्टी बताते हैं कि ऐसे में यह साल 2028-29 के आखिर में फिर से अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच सकता है। यानी इसमें जबरदस्त तेजी आ सकती है।
लॉन्ग टर्म में मुनाफे की उम्मीद
अगर आने वाले दिनों में सीधे बाजार से खरीदारी (स्पॉट और ईटीएफ डिमांड) बनी रहती है और अमेरिकी मैक्रो-इकोनॉमिक हालात बहुत खराब नहीं होते, तो बिटकॉइन का दीर्घकालिक रुख सकारात्मक बना रह सकता है। लेकिन अगर केवल सट्टेबाजी से तेजी आई, तो बाजार में एक और गिरावट देखने को मिल सकती है।डिस्क्लेमर: क्रिप्टोकरेंसी में 24 घंटे कारोबार होता है। ऐसे में इनकी कीमत पल-पल बदलती रहती है। कुछ ही मिनटों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमत काफी गिर जाती है और निवेशकों को बड़ा नुकसान हो जाता है। ऐसे में इसमें निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर ले लें।



