अवंतिका दसानी ने झेले ढेरों रिजेक्शन, बोलीं- बचपन में एक्ट्रेस न बनने का किया था फैसला
Updated on
29-03-2025 05:27 PM
वेब सीरीज 'मिथ्या' से अपनी एक्टिंग पारी शुरू करने वाली एक्ट्रेस अवंतिका दसानी ने हाल ही में फिल्म इन गलियों में के जरिए बड़े पर्दे पर अपना डेब्यू किया। इसी सिलसिले में हुई एक खास मुलाकात के दौरान जानी-मानी अदाकारा भाग्यश्री की बिटिया अवंतिका ने अपने फिल्मी सफर के बारे में कुछ रोचक खुलासे किए:
फिल्मी परिवार के बच्चों के बारे में ऐसा माना जाता है कि उन्हें आसानी से थाल में सजाकर फिल्में मिल जाती हैं। हालांकि, यह बात हर स्टार किड पर लागू नहीं होती। कम से कम मैंने प्यार किया फेम एक्ट्रेस भाग्यश्री की बेटी अवंतिका दसानी का अनुभव तो यही रहा है। साल 2022 में वेब सीरीज मिथ्या से एक्टिंग करियर शुरू करने वाली अवंतिका ने हाल ही में फिल्म इन गलियों में के जरिए बड़े पर्दे पर डेब्यू किया है। अवंतिका के मुताबिक, इस फिल्मी सफर में उन्होंने इतने रिजेक्शन सहे हैं कि उसकी गिनती भी याद नहीं।
पैरंट्स की बदौलत नहीं मिलता काम
स्टार किड होने के बावजूद इंडस्ट्री में अपने संघर्षों के बारे में अवंतिका बताती हैं, 'हमारी इंडस्ट्री में किस्मत बहुत अहम है। आप जितनी भी कोशिश करो, आप कभी लकी होंगे, कभी नहीं, तो यह बहुत बड़ी चुनौती होती है। साथ ही, कई मुश्किलें ऐसी होती हैं, जिसका लोगों को यकीन भी नहीं होता, जैसे लोगों को लगता है कि हमारे पैरंट्स इंडस्ट्री से हैं तो हमें बड़ी आसानी से काम मिल जाता है, मगर ऐसा नहीं है। मैंने इतने ऑडिशन दिए हैं, इतने रिजेक्शन झेले हैं कि उसकी गिनती भी मुझे याद नहीं है और यह हर रोज होता है। इसके बावजूद, मैं इस उम्मीद में डटी हुई हूं कि शायद आने वाले समय में अच्छा काम मिलेगा, जहां यह दिखा पाऊं कि हममें क्या क्षमता है।'
तय किया था, एक्ट्रेस नहीं बनूंगी
मां भाग्यश्री और भाई अभिमन्यु दसानी के नक्शेकदम पर चलते हुए एक्टिंग को ही करियर चुनने के फैसले पर अवंतिका कहती हैं, 'असल में मैंने यह फैसला बहुत देर से लिया। मैंने लंदन से बिजनेस ऐंड मार्केटिंग की पढ़ाई की है। मैंने कारपोरेट में काम भी किया है। हालांकि, मुझमें क्रिएटिविटी और परफॉर्मेंस का कीड़ा स्कूल से था। मुझे उसमें मजा आता था, मगर कभी इस चीज को सीरियसली नहीं लिया। उल्टे स्कूल में जब लोग मुझे बोलते थे कि तुझे क्या फर्क पड़ता है, तू तो एक्ट्रेस ही बनेगी तो मुझे बहुत चिढ़ होती थी। मुझे बिल्कुल पसंद नहीं था कि मुझे एक बॉक्स में डाला जाए, क्योंकि मुझे जिंदगी में जो करना है, मैं कर सकती हूं। इसलिए, इसका विरोध करने के लिए मैंने तय किया था कि मैं एक्टिंग नहीं करूंगी। मुझे उन्हें दिखाना था कि चूंकि आपको ऐसा लगता है कि मैं एक्टर ही बनूंगी तो मैं ऐसा नहीं करूंगी। इसलिए, मैंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और मार्केटिंग में अंडर ग्रेजुएशन किया। काम भी किया लेकिन मैं अपने काम को उतना एंजॉय नहीं कर रही थी। कहीं ना कहीं वह क्रिएटिविटी मुझे खींच रही थी, तब मैंने एक्टिंग वर्कशॉप करना शुरू किया और मुझे एक्टिंग के प्रॉसेस से प्यार हो गया।'
मम्मा कहती हैं, आंखों में सचाई दिखनी चाहिए
अवंतिका को अपनी मां भाग्यश्री से सबसे पते की सलाह क्या मिली? यह पूछने पर उन्होंने बताया, 'मम्मा एक ही चीज बोलती हैं कि आप जो भी डायलॉग बोलो, कुछ भी ऐक्शन करो, वो इमोशन आपकी आंखों में दिखना चाहिए। अगर वह आपकी आंखों में नहीं है तो उसका कोई मतलब नहीं है। आंखों में सचाई दिखनी चाहिए। आज भी अगर मैं ऑडिशन दे रही हूं और मम्मा मेरा ऑडिशन टेप कर रही होती हैं, तो बोलती है कि आंखों में नहीं दिख रहा है, एक बार फिर से करो। यह मम्मा की सबसे बड़ी सीख रही है।' वहीं, फिल्म इन गलियों में के लिए एक आम सब्जीवाली के किरदार में ढलने की तैयारी के बाबत वह बताती हैं, 'असल में हमें तैयारी करने के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिला था। शूटिंग से पहले दो हफ्ते ही मिले थे, मगर मैंने अपने डायलेक्ट पर बहुत काम किया। हमारे डायलेक्ट कोच थे, उनकी मदद से काफी रिहर्सल की, ताकि शूटिंग में मेरा किरदार बनावटी ना लगे।'
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