इंदिरा गांधी की नजरों में खटकने लगी थीं अमृता सिंह की मां, गई थी 6 की जान, टूट गया 6-7 लाख लोगों का घर!

Updated on 10-02-2026 12:27 PM
सैफ अली खान की एक्स वाइफ अमृता सिंह आज 9 फरवरी को अपना 68वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही हैं। ऐसा नहीं था कि अमृता सिंह अपने परिवार से वो पहली महिला हों जिन्होंने बॉलीवुड का दामन थामा। इससे पहले उनकी नानी भी फिल्मों में अपना खूब जलवा बिखेर चुकी हैं। कहते हैं अमृता सिंह की नानी ने कैमरे के सामने उन दिनों में बिना कपड़ों वाले पोज़ देकर खलबली मचा डाली थी। आज अमृता सिंह के जन्मदिन पर बताने जा रहे हैं उनकी मां और नानी की कुछ अनसुनी कहानी।

अमृता सिंह की मां रुखसाना सुल्ताना की मां जरीना हक बॉलीवुड की चर्चित एक्ट्रेस बेगम पारा की बहन हुआ करती थीं। जरीना हक की शीदू मदन मोहन बिम्बेट से हुई। जरीना और मदन मोहन की बेटी हुईं रुखसाना सुल्ताना जो अमृता सिंह की मां हैं। इस तरह रिश्ते में अमृता सिंह बेगम पारा की नातिन लगीं।

अमृता सिंह की मां को 'चीफ ग्लैमर गर्ल' के नाम से जाना जाता था

रुखसाना अपनी दमदार पर्सनैलिटी के लिए जानी जाती थीं और यही वजह है कि वो राजनीति का भी हिस्सा बनीं। रुखसाना और बिम्बेट की बेटी अमृता सिंह 1980 के दशक में बॉलीवुड स्टार बनीं। रुखसाना सुल्ताना बेहद खूबसूरत हुआ करती थीं और उन्हें आपातकाल की 'चीफ ग्लैमर गर्ल' के नाम से भी जाना जाता है।

लोगों में सरकार के खिलाफ नफरत हो गई

बताया जाता है कि तब देश में नसबंदी अभियान की शुरुआत की गई थी। तब इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी लोकसभी सांसद थे और माना जाता है कि इमरजेंसी के समय देश की डोर उनके ही हाथ में थी। उस दौरान कुछ ऐसी चीजें हुईं जिससे लोगों में सरकार के खिलाफ नफरत हो गई। कहते हैं जनसंख्या कंट्रोल करने के लिए जबरन नसबंदी जैसे काम किए गए। चूंकि रुखसाना संजय गांधी की बेहद करीबी में से एक थीं इसलिए कहा जाता है कि उन्हें इस काम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

रुखसाना को मुस्लिम समुदाय के लोगों को नसबंदी के लिए राजी करने का जिम्मा

कहा जाता है कि नसबंदी अभियान के लिए चार लोगों को जिम्मेदारी गई। इसमें लेफ्टिनेंट गवर्नर किशन चंद, नवीन चावला, विद्याबेन शाह और रुखसाना सुल्ताना का नाम शामिल है। ऐसी चर्चा रही थी कि रुखसाना को मुस्लिम समुदाय के लोगों को नसबंदी के लिए राजी करने का जिम्मा सौंपा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चूंकि रुखसाना संजय गांधी से काफी प्रभावित रहती थीं और एक कार्यक्रम के दौरान उनके पास पहुंचकर पूछा कि मैं आपके लिए क्या कर सकती हूं। इस सवाल पर संजय गांधी ने रुखसाना से कहा कि वो मुसलमानों को नसबंदी के लिए राजी करने की जिम्मेदारी संभालें। इसके बाद रुखसाना धीरे-धीरे संजय गांधी के करीब आती गईं।

18 साल के युवाओं और 60 साल के बुजुर्गों की जबरन नसबंदी

इस नसबंदी अभियान से लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। कुछ मुस्लिमों को ये भी लगने लगा था कि सरकार उनकी आबादी कम करने की साजिश कर रही है। खबरें ये भी आईं कि टारगेट पूरा करने के लिए 18 साल के युवाओं और 60 साल के बुजुर्गों की जबरन नसबंदी कराई जा रही है। हालांकि, इसकी शिकायतें संजय गांधी तक अगर पहुंचती भी थी तो वो इसे खारिज कर देते थे।

इस तरह के आरोपों को रुखसाना ने सिरे से खारिज कर दिया

हालांकि रुखसाना ने इस तरह के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था और उनका कहना था कि ये अभियान मानवीय और अपनी इच्छा से चल रहा है। इसे लेकर उन्होंने उल्टा कांग्रेस पर दोष मढ़ा और कहा कि कांग्रेस के पुराने नेताओं की साजिश है।

संजय की पत्नी मेनका गांधी, इंदिरा गांधी सभी नाराज

बताया जाता है कि इमरजेंसी की घोषणा के बाद रुखसाना की ताकत बढ़ गई और वो संजय गांधी के काफी करीब थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनसे अब न केवल कांग्रेस नेताओं को बल्कि संजय की पत्नी मेनका गांधी, इंदिरा गांधी और यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष अंबिका समेत कई लोगों को भी उनसे दिक्कत होने लगी।

6-7 लाख लोगों का घर टूटकर बिखर गया

इतना ही नहीं, संजय गांधी की वजह से रुखसाना यूथ कांग्रेस में शामिल हो गईं। बताया जाता है कि इमरजेंसी के समय ही जब संजय ने दिल्ली को स्लम फ्री बनाने का प्लान बनाया और उन्होंने रुखसाना को तुर्कमान गेट की गंदगी साफ करने का सौंपा। इधर संजय गांधी ने ये आदेश दिया और उधर इस इलाके में कई बुलडोजर पहुंच गए और कहते हैं कि देखते ही देखते इसने तबाही मचा दी। जैसे ही लोग इस बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सड़कों पर आने लगे तो उन पर लाठी डंडे बरसाए गए। बताया जाता है कि इस घटना में 6 लोगों की मौत हो गई थी। बाद में इस घटना की जांच के लिए 'शाह कमीशन' का गठन किया गया। 1975 से 1977 के बीच सौंदर्यीकरण के नाम पर करीब डेढ़ लाख मकान तोड़े गए जिसकी वजह से 6-7 लाख लोगों का घर टूटकर बिखर गया।

रुखसाना के पास हमेशा एक लाल रंग की लिपस्टिक होती

पहले रुखसाना एक सोशल वर्कर के तौर पर काम कर रही थीं और पुरानी दिल्ली में एक बुटीक चलाती थीं। रुखसाना ने सेना के अधिकारी शिविंदर सिंह से शादी की थी। शिविंदर सीनियर जर्नलिस्ट और लेखक खुशवंत सिंह के भतीजे थे। इसके बाद रुखसाना की बेटी अमृता सिंह हुईं, जिन्होंने मां से अलग, उनकी मौसी के नक्शे कदम पर आगे बढ़ीं और फिल्मों में फिर से एंट्री मारी। रुखसाना के पास हमेशा एक लाल रंग की लिपस्टिक होती थी और बढ़िया सनग्लासेस की भी शौकीन थीं। अमृता सिंह ने करियर की शुरुआत में करीब 10 साल छोटे सैफ अली खान से शादी की और इससे उन्हें दो बच्चे सारा अली खान और इब्राहिम हुए।

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