अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन... डीजल की कीमतों ने तोड़े रिकॉर्ड, सूखा पड़ा हर 9वां पेट्रोल पंप
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20-09-2026 01:45 PM
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आपूर्ति ठप होने से वैश्विक स्तर पर ईंधन का महासंकट खड़ा हो गया है। अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन समेत कई विकसित देश रिकॉर्ड तोड़ ईंधन कीमतों और आपूर्ति की किल्लत से जूझ रहे हैं। कई देशों में डीजल की भारी किल्लत हो गई है। कई पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं।अमेरिका: उच्चतम स्तर पर डीजल की कीमतें
- अमेरिका में डीजल की राष्ट्रीय औसत कीमत 6.49 डॉलर (करीब 622 रुपये) प्रति गैलन के ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
- मिडिल ईस्ट संकट शुरू होने से ठीक पहले 27 फरवरी को डीजल की कीमत 3.75 डॉलर (करीब 360 रुपये) प्रति गैलन थी। यानी पिछले कुछ महीनों में इसमें 73% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- कैलिफोर्निया राज्य में डीजल 8.41 डॉलर (करीब 807 रुपये) प्रति गैलन और पेट्रोल 6.13 डॉलर (करीब 588 रुपये) प्रति गैलन तक पहुंच गया है।
- अमेरिका का पूरा फ्रेट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क (ट्रक, ट्रेनें और कृषि उपकरण) डीजल पर निर्भर है। ऐसे में अमेरिका में डीजल महंगा होने से खाद्यान्न और माल ढुलाई की लागत आसमान छू रही है।
फ्रांस: 11% पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म
- फ्रांस में ईंधन संकट इतना गहरा गया है कि देश का हर 9वां पेट्रोल पंप (लगभग 11%) सूखा पड़ चुका है। कई क्षेत्रों में 16% तक स्टेशनों पर ईंधन खत्म हो चुका है।
- फ्रांस में डीजल की औसत कीमत 2.39 यूरो (करीब 264 रुपये) प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई है।
- देश के 700 से अधिक पंपों पर प्रीमियम ग्रेड ईंधन 2.50 यूरो (करीब 276 रुपये) से 2.70 यूरो (करीब 298 रुपये) प्रति लीटर तक बिक रहा है।
- सऊदी अरामको द्वारा ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले के बाद कम से कम दो बड़े यूरोपीय रिफाइनरों को अक्टूबर की क्रूड सप्लाई बंद करने की सूचना दी गई है, जिससे संकट और गहरा गया है।
- स्थिति से निपटने के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जी7 देशों से आपातकालीन रणनीतिक तेल भंडार जारी करने की मांग की है।
ब्रिटेन: 5 महीने के उच्च स्तर पर महंगाई
- ब्रिटेन में अगस्त महीने में महंगाई दर बढ़कर 3.1% पर पहुंच गई है, जिसका मुख्य कारण मोटर फ्यूल और एयरफेयर में आई भारी तेजी है।
- यूके राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ONS) के अनुसार, पिछले साल अगस्त की तुलना में मोटर फ्यूल की कीमतों में 23% का उछाल आया है।
- जुलाई से अगस्त के बीच पेट्रोल की औसत कीमत 9.1 पेंस बढ़कर 161.3 पेंस (करीब 206 रुपये) प्रति लीटर हो गई, जो रूस-यूक्रेन युद्ध के शुरुआती समय के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।
वैश्विक संकट के पीछे के मुख्य कारण
होर्मुज के आसपास सप्लाई बाधित होने से वैश्विक रिफाइंड फ्यूल बाजार पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा रूस और मिडिल ईस्ट में रिफाइनरी तथा एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में व्यवधान ने भी डीजल सप्लाई को प्रभावित किया है। वहीं कच्चे तेल की बढ़ती कीमत ने भी ईंधन की कीमत को बढ़ा दिया है।