कोर्ट मैरेज के बाद भी नहीं रह रहे थे साथ
दोनों ने कोर्ट मैरेज की थी लेकिन साथ नहीं रहते थे। इसकी जानकारी भी किसी को नहीं थी। उनके रिश्ते का रहस्य और गहरा गया। 6 सितंबर को उसके लापता होने के बाद पूछताछ के दौरान दीपक राउत ने सामान्य स्थिति का दिखावा करते हुए दावा किया कि उनका रिश्ता एकदम सही था। उसने पुलिस को यह कहकर गुमराह किया कि शुभमित्रा अपने माता-पिता से झगड़े के बाद घर छोड़कर चली गई होगी।
मंदिर में की पूजा
अधिकारी ने आगे बताया कि उसने बताया कि वह 6 सितंबर को क्योंझर में एक रिश्तेदार से मिलने गया था और उसकी सुरक्षित वापसी के लिए तारिणी मंदिर में प्रार्थना की थी। उसने मोबाइल में तस्वीरें और पूजापाठ करते हुए ली गई सेल्फी भी दिखाईं। उसने सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट भी दिखाया, जिसमें उसने शुभमित्रा के लापता होने का जानकारी लिखी थी और अपील की थी कि उसके बारे में किसी को कुछ जानकारी हो तो पुलिस को बताएं।मोबाइल से सुराग लगा हाथ
जांच में एक अहम मोड़ तब आया जब पुलिस ने सुभमित्रा का फ़ोन अनलॉक करने के बाद उसके वॉट्सऐप चैट्स को एक्सेस किया। चैट्स से पता चला कि दोनों के बीच आर्थिक विवाद था, जिसमें सुभमित्रा ने दीपक राउत से 10 लाख रुपये उधार लिए थे। दोनों के बीच इसे लेकर तनाव था। चैट्स की आगे की जांच से पता चला कि सुभमित्रा तनाव में थी और उसने पुरी, मथुरा या वाराणसी जैसे किसी आध्यात्मिक स्थान पर जाने की इच्छा जताई थी।दीपक का हुआ पॉलीग्राफ
पुलिस अधिकारी ने कहा कि दीपक राउत ने दावा किया था कि वह अस्वस्थ है और शांति के लिए आध्यात्मिक यात्रा की योजना बना रही है। इसके बाद, हमने उसका पॉलीग्राफ़ टेस्ट कराया। पॉलीग्राफ़ टेस्ट के दौरान उसके जवाब भ्रामक थे। फिर उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। बाद में पुलिस ने लापता महिला कांस्टेबल की तलाश में सघन तलाशी अभियान चलाया।दीपक ने खोले राज
आरोपी दीपक ने पूछताछ में यह भी कबूल किया कि 6 सितंबर को उसने शुभमित्रा को उसके कार्यस्थल से अपनी होंडा सिटी कार (पंजीकरण संख्या OD-02-R-8494) में उठाया और दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच यूनिट-VI इलाके में उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में उसके शव को लेकर घूमता रहा। वह काम पर भी गया। अगले दिन वह क्योंझर गया और यहां लाश को दफनाकर आ गया।इस बीच, पुलिस ने सीन रीक्रिएशन के दौरान क्योंझर के घाटागांव के जंगल में खुदाई करके शुभमित्रा का शव एक बोरे से निकाला है। उसके कबूलनामे और साक्ष्यों के आधार पर कैपिटल पुलिस स्टेशन में धारा 103(1) और 238 बीएनएस के तहत मामला (535/25) दर्ज किया गया है।मामले में आरोपी दीपक कुमार राउत को गिरफ्तार कर लिया गया है।



