7 साल पहले बनी थी खान-पान की खराब चीजों के विज्ञापन पर लगाम लगाने की योजना, लेकिन आज भी नतीजा ढाक के तीन पात
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01-05-2024 01:57 PM
नई दिल्ली: सरकार ने आज से सात साल पहले गैर-संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एक कार्य योजना बनाई थी। इस योजना में खासतौर पर बच्चों को खानपान की खराब चीजों के विज्ञापन और उनके प्रचार पर सख्ती से कार्रवाई की बात कही थी। लेकिन इतने साल बीत जाने के बाद भी इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी अस्वास्थ्यकर खाने के विज्ञापनों का मुद्दा उठाया था। कोर्ट ने पतंजलि के गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि इस दायरे को बढ़ाया जाए, जिससे उन सभी विज्ञापनों को शामिल किया जा सके जो लोगों को गुमराह करते हैं। खासतौर से ऐसे विज्ञापन जो बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं, जो गलत जानकारी के आधार पर इन प्रोडक्ट्स का यूज कर रहे हैं।