
पुलिस ने करीब 40 सीसीटीवी खंगालने के बाद रूट मैप बनाया और बैरागढ़ निवासी परिचित के घर से रकम बरामद कर ली। अब इन लाख रुपये के साथ बरामद की गई कुल रकम 71 लाख के करीब पहुंच चुकी है। पुलिस का कहना है कि रकम और मिलने की संभावना है। पुलिस ने पूरी रकम को जब्त कर आयकर विभाग को सूचित कर दिया है। आगे की जांच अब आयकर विभाग करेगा।
डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि मामले में एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल दुबे के नेतृत्व में टीम अन्य एंगल से भी जांच कर रही थी। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात कारोबारी के बैरागढ़ स्थित अन्य ठिकाने पर पुलिस ने दबिश दी थी। यहां से पुलिस ने नोटों से भरे छह बैग बरामद किए।
इनमें 40 लाख 11 हजार चार सौ रुपये मिले। इस प्रकार पूर्व में बरामद 32 लाख व अब मिले 40 लाख रुपये मिलाकर कुल रकम अब 71 लाख 69 हजार 473 रुपये पहुंच गई है। बताया जाता है कि कैलाश खत्री के स्वजन पुलिस की छापामार कार्रवाई के तत्काल बाद नोटों से भरे बैग लेकर भाग गए थे। इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई है। 40 से अधिक कैमरों के फुटेज चेक कर पुलिस ने पाया कि बैग पहले पंजाबी बाग निवासी कारोबारी के रिश्तेदार के घर पहुंचाए गए। उसके बाद तीन अलग-अलग स्थानों पर बैगों को पहुंचाया गया था।
सीसीटीवी फुटेज में दिख गए बैग
घटना में टीआइ समेत पांच पुलिसकर्मियों का निलंबन हो चुका है। पुलिस पर रकम को गायब करने के आरोप लग रहे थे, इसलिए पुलिस ने मामले में शाहपुरा, कमला नगर थाने के चुनिंदा पुलिसकर्मियों को जांच में शामिल किया था। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले, तो उनमें पुलिस को कैलाश खत्री के रिश्तेदार के हाथ में बैग नजर आ गए, लेकिन वह लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा था, जबकि सीसीटीवी फुटेज से सारा मामला साफ हो गया।