4 लाख करोड़ स्वाहा... उतर गया डॉनल्ड ट्रंप की जीत का बुखार, सेंसेक्स 900 अंक से अधिक गिरा

Updated on 07-11-2024 04:25 PM
नई दिल्ली: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों में डॉनल्ड ट्रंप के बढ़त बनाने से बाजार में बुधवार को तेजी आई थी। लेकिन गुरुवार को घरेलू बाजार ने यू-टर्न ले लिया। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 इंडेक्स में शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दिख रही है। सेंसेक्स सुबह 10.30 बजे 916.71 अंक यानी 1.14% की गिरावट के साथ 79,461.42 पर आ गया जबकि निफ्टी 297.95 अंक या 1.22% गिरकर 24,186 पर कारोबार कर रहा था। निवेशक अब ब्याज दर के रुझान का अनुमान लगाने के लिए फेडरल रिजर्व की आगामी मीटिंग पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस गिरावट से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3.97 लाख रुपये गिरकर 448.61 लाख करोड़ रुपये रह गया।

बुधवार को निफ्टी और बीएसई सेंसेक्स दोनों में 1.1% की तेजी आई थी। यह बाजार में छह हफ्ते में एक दिन में आई सबसे बड़ी तेजी थी। विश्लेषकों ने ट्रंप की जीत को घरेलू इक्विटी के लिए पॉजिटिव माना था। लेकिन इसके एक दिन बाद सीन पूरी तरह बदल गया। सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट में एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक का सबसे अधिक योगदान रहा। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस का शेयर 1.31% गिरावट के साथ 1308.15 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

किन शेयरों में रही गिरावट


सेंसेक्स के शेयरों में बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, नेस्ले इंडिया और एमएंडएम गिरावट के साथ खुले जबकि टाटा स्टील, टीसीएस, एचसीएल टेक और जेएसडब्ल्यू स्टील अधिक खुले। सितंबर तिमाही में मुनाफे में आने के बाद टाटा स्टील में 2% की उछाल आई। अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों में 6% की उछाल आई। दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 63% की उछाल के साथ 379 करोड़ रुपये पहुंच गया।

सेक्टोरल इंडेक्सेज में निफ्टी मेटल में 1.3% की गिरावट आई। हिंडाल्को, अडानी एंटरप्राइजेज और वेदांता में गिरावट के कारण ऐसा हुआ। निफ्टी बैंक, ऑटो, वित्तीय सेवाएं, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी गिरावट के साथ खुले। विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू इक्विटी की भविष्य की दिशा अगली अमेरिकी सरकार की नीतिगत रूपरेखा और गुरुवार को फेडरल रिजर्व की टिप्पणी पर निर्भर करेगी। अमेरिकी फेड ने अपनी पिछली बैठक में ब्याज में 50 आधार अंक की दर कटौती की थी। गुरुवार को भी ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की उम्मीद है।

ऑल-टाइम लो से उबरा रुपया


इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में डॉनल्ड ट्रंप की जीत से आने वाले महीनों में डॉलर के मजबूत होने की उम्मीदों के मद्देनजर बुधवार को भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। रुपया 84.28 के पिछले सर्वकालिक निचले स्तर से थोड़ा आगे बढ़कर 84.2950 पर आ गया था। हालांकि गुरुवार को रुपया अपने सर्वकालिक निम्न स्तर से उबरते हुए शुरुआती कारोबार पांच पैसे की बढ़त के साथ 84.26 प्रति डॉलर पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.26 प्रति डॉलर पर खुला जो पिछले बंद भाव से पांच पैसे की बढ़त दर्शाता है।

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