पायलटों की सैलरी हो गई है कम
सूत्रों ने बताया कि हाल ही में पायलटों ने एयरलाइन के CEO आलोक सिंह को मेल किया है। इसमें लिखा है कि पायलटों को कम से कम 40 घंटे फ्लाई करने के आधार पर सैलरी तय की गई है। लेकिन एयरलाइन की अंदरूनी लापरवाहियों की वजह से वे 40 घंटे फ्लाई नहीं कर पा रहे हैं। इसका सीधा असर उनकी सैलरी कम मिलने के रूप में सामने आ रहा है। 40 घंटे के आधार पर सैलरी देना पहले ही कम था। अब इसमें भी कटौती हो रही है। उधर, सीनियर केबिन क्रू का कहना है कि अगर 28 मई तक उनकी मांगों पर मैनेजमेंट की तरफ से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो फिर फ्लाइट ग्राउंड होना शुरू हो सकती है।
हज़ारों यात्रियों पर पड़ रहा असर
विस्तारा के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस में जो हंगामे चल रहे हैं उसका सीधा असर हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी कंपनी में अगर दो-चार कर्मी सैलरी या अन्य बातों को लेकर विरोध करते हैं तो संभव है कि कर्मचारियों की मांग पूरी तरह से जायज ना हो। लेकिन अगर बड़ी संख्या में कर्मी सिक लीव पर जाने के रूप में अघोषित हड़ताल कर रहे हैं तो कंपनी को समझना चाहिए कि कहीं ना कहीं तो उनके हैंड पर भी दिक्कत हो रही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के सीनियर केबिन क्रू की मांग है कि एयर एशिया इंडिया के साथ उनकी एयर इंडिया एक्सप्रेस के विलय होने से उन्हें कोई समस्या नहीं है। लेकिन इसमें उनकी वरिष्ठता को नजरअंदाज किया जा रहा है।



